कहीं गौ कथा ने तो नहीं बढ़ाया तनाव

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लातेहार के बालूमाथ इलाक़े में गौ कथा का प्रचलन है, जो साल में एक बार होती है. इसमें हज़ारों लोग शामिल होते हैं.

दुर्गा पूजा के दौरान पिछले साल भी गौ कथा हुई थी. इसमें विधायक, एसपी और डिप्टी कमिश्नर भी शामिल हुए थे.

इसका ऑडियो-वीडियो बालूमाथ में व्हाट्सएप और दूसरे सोशल माध्यमों में वायरल हो रहा है.

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इस कथा को गौ क्रांति दल से जुड़े लोग कराते हैं. इस दौरान गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की जाती है.

गौ हत्या और बीफ़ खाने वालों के लिए मृत्युदंड की वकालत की जाती है.

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Image caption 12 वर्षीय इम्तेयाज़

झाबर गांव में बीते शुक्रवार पशु व्यापारी और एक बच्चे इम्तियाज़ की हत्या के बाद गौ क्रांति दल की गतिविधियों पर सवाल उठने लगे हैं.

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Image caption पिछले हफ्ते पशु व्यापारी मजलूम अंसारी का शव पेड़ से लटका मिला था

झारखंड विकास मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष संजीत साहू का मानना है कि गौ कथा के कारण इस इलाक़े में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच की खाई और बढ़ी है.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि बेशक हत्या की यह पहली वारदात थी लेकिन, मारपीट और अगवा करने की घटनाएं पहले भी होती रही हैं.

अंजुमन इस्लामिया के मोहम्मद जियाउल्लाह मोहाजिरी कहते हैं कि ऐसी कथाओं की अनुमति देने से पहले प्रशासन को दस बार सोचना चाहिए. कहीं इससे सांप्रदायिक तनाव तो नहीं फैल रहा.

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गौ क्रांति दल के बालूमाथ प्रखंड अध्यक्ष सुरेश राम इससे इत्तेफ़ाक़ नहीं रखते.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि झाबर कांड के अभियुक्तों में किसी को उन्होंने संगठन की सदस्यता नहीं दिलाई.

उनसे पूछे जाने पर कि क्या झाबर कांड के अभियुक्त गौ क्रांति दल के सदस्य नहीं हैं, सुरेश राम बोले, "हो सकता है उन्होंने दिल्ली सम्मेलन के दौरान सदस्यता ली हो. उन्हें शायद गुरुजी ने सदस्यता दिलाई हो."

झाबर के कैलाश सिंह ने बीबीसी को बताया कि गौ क्रांति दल का एक सम्मेलन 28 फ़रवरी को दिल्ली में हुआ था.

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उसमें बालूमाथ क्षेत्र के कई लोगों ने भाग लिया. इसमें झाबर के ग्रामीण भी थे. उनका मानना है कि हिंदूबहुल गांव होने से झाबर के लोग निशाने पर हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, माकपा की बृंदा करात और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत ने भी बालूमाथ इलाक़े में तनाव के पीछे गौ क्रांति दल के सदस्यों का हाथ बताया है.

बाबूलाल मरांडी ने बीबीसी से कहा कि इस इलाके में ध्रुवीकरण की कोशिश की जा रही है.

उनके मुताबिक़ गौ क्रांति दल से जुड़े लोगों का संबंध बजरंग दल से भी है. इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

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