फ़ेसबुक पर आंसूभरा संदेश देने वाले भारतीय को जेल

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सऊदी अरब में बतौर ड्राइवर काम कर रहे एक भारतीय को सोशल मीडिया पर ग़लतबयानी रोकने वाला क़ानून तोड़ने के मामले में जेल भेजा गया है.

अब्दुल सत्तार मकंदर ने दिल्ली स्थित एक एक्टिविस्ट को आंसू भरा वीडियो संदेश भेजा था, जो दुनिया भर में वायरल हो गया.

इसमें मकंदर ने आरोप लगाया था कि उनकी कंपनी उन्हें तनख़्वाह नहीं दे रही और न घर जाने दे रही है.

अब्दुल की माँ नूरजहां कहती हैं, "वह अपने बच्चों को मिस कर रहा था. उसके चार बच्चे और बीवी हैं. वह बस दो महीने के लिए घर आना चाहता था और फिर वापस काम पर चला जाता, लेकिन मुझे नहीं पता क्या हुआ."

बीबीसी ट्रेंडिंग के अनुसार कंपनी 'अल सुरूर ने इस आरोप का खंडन किया है.'

बीबीसी ट्रेंडिंग के अनुसार, "उनका (कंपनी का) कहना है कि वह दो साल की नौकरी के बाद ही छुट्टी ले सकता है और इसमें छह हफ़्ते ही बचे हैं. उनका कहना है कि उसे समय पर वेतन दिया जा रहा है और तो और बोनस भी दिया गया है. वह चाहे तो किसी भी समय नौकरी छोड़ सकता है."

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मकंदर का वीडियो वायरल होने से रोकने के लिए कंपनी ने दो साल पहले ली गई अन्य कर्मचारियों की तस्वीरें जारी कीं, जिनमें वे कंपनी के सोशल मीडिया पर तारीफ़ कर रहे थे.

बेहद परेशान नूरजहां ने बीबीसी हिंदी को बताया, "वह पैसे भेजता था लेकिन पिछले तीन महीने से नहीं भेज रहा है. मैं अब घरों में काम करके ख़र्च चला रही हूँ. उसने कहा कि तनख़्वाह मिलते ही वह पैसे भेजेगा."

नूरजहां कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ ज़िले के क़स्बे डांडेली के बाहरी इलाक़े में रहती हैं.

मकंदर का वीडियो सोशल मीडिया पर डालने वाले दिल्ली के एक्टिविस्ट कुंदन श्रीवास्तव ने कंपनी की ओर से बयान मिलने के बाद वीडियो हटा लिया है.

वह कहते हैं, "मैंने इसे हटाने का फ़ैसला इसलिए किया ताकि इससे उनके देश वापस लौटने का रास्ता साफ़ हो."

पहचान ज़ाहिर न करने की शर्त पर मकंदर को पहचानने वाले एक भारतीय ने कहा, "कंपनी ने एक वीडियो भी अपलोड किया है, जिसमें मकंदर अपने पिछले वीडियो के लिए माफ़ी मांग रहे हैं लेकिन इसके बाद उन्हें फिर जेल में डाल दिया गया."

Image caption पिछले साल नवंबर में सऊदी अरब में ही भारतीय घरेलू नौकरानी कस्तूरी का उनके नियोक्ताओं ने हाथ काट दिया था.

यह व्यक्ति मकंदर के जेल जाने के बाद भी उनसे संपर्क में है.

नूरजहां ने अपने बेटे से 12 मार्च को बात की थी, "वह कहता है कि वह वापस आएगा और हमें चिंता न करने को कहा है."

"मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या कहूँ. मुझे ज़्यादा कुछ पता है नहीं. मैं बस यह चाहती हूँ कि मेरा बेटा वापस आ जाए."

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