रावत सरकार पर ख़तरे के बादल बरक़रार, धारा 144 लगी

हरीश रावत इमेज कॉपीरइट Shiv Joshi

उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार पर मंडराते ख़तरे के बादलों और तेज़ी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनज़र देहरादून और अन्य संवेदनशील इलाक़ों में धारा 144 लागू कर दी गई है.

स्थानीय पत्रकार शिव जोशी के मुताबिक़ पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को भी तैनात किया गया है.

पुलिस के साइबर सेल को सतर्क किया गया है ताकि सोशल मीडिया पर किसी तरह की अफवाह को फैलने से रोका जा सके.

राज्य में कांग्रेस के नौ विधायकों की बगावत के बाद मुश्किलों में घिरी हरीश रावत सरकार को 28 मार्च को अपना बहुमत साबित करना है.

उत्तराखंड विधानसभा के कुल 70 विधायकों में कांग्रेस के 36 विधायक थे जिनमें से 9 बाग़ी हो चुके हैं. भाजपा के 28 विधायक हैं जिनमें से एक निलंबित है. बसपा के दो, निर्दलीय तीन और एक विधायक उत्तराखंड क्रांति दल का है.

कांग्रेस के नौ बाग़ी विधायकों की सदस्यता खत्म किए जाने के बारे में अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई फ़ैसला और घोषणा नहीं की गई है.

मीडिया में सूत्रों के हवाले से ऐसी ख़बर आ रही है कि इन विधायकों की सदस्यता ख़त्म कर दी गई है.

लेकिन स्थानीय पत्रकार शिव जोशी के मुताबिक़ राज्य की संसदीय कार्य मंत्री और पार्टी की मुख्य सचेतक इंदिरा हृदयेश ने बताया कि उनकी इस बारे में विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल से बात हुई थी, जिनका कहना है कि उन्होंने अभी तक इस बारे में फ़ैसला नहीं किया है.

इस बीच विधानसभा परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और मीडियाकर्मियों को नए पास जारी किए गए हैं.

शनिवार को बाग़ी विधायकों ने एक स्टिंग की सीडी जारी करते हुए दावा किया था कि हरीश रावत विधायकों की ख़रीद फ़रोख्त में लगे हैं जिसे मुख्यमंत्री ने झूठ करार दिया था.

इंदिरा हृदयेश ने इस सीडी की फोरेंसिक जांच की मांग की है.

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