कोयला घोटाला- झारखंड इस्पात के दो निदेशक दोषी

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कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने अपना पहला फ़ैसला सुनाते हुए झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमेटिड के दो निदेशकों को दोषी ठहराया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ जेआईपीएल और इसके दो निदेशकों आरएस रूंगटा और आरसी रूंगटा पर झारखंड में कोयले को अनियमितताओं का दोषी पाया गया है.

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अदालत ने उन्हें आपराधिक षडयंत्र रचने और धोखाधड़ी करने का दोषी पाया है और दोनों को हिरासत में लेने का आदेश भी दिया है.

अदालत ने इस मामले में दलीलें सुनने और सज़ा सुनाने के लिए 31 मार्च की तारीख़ तय की है.

कोयला आवंटन घोटाला 2012 में उस वक़्त सुर्खियों में आया था जब भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने एक रिपोर्ट में कहा था कि कोयला ब्लॉक के आवंटन में एक लाख 86 हज़ार करोड़ रुपए का घोटाला हुआ.

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इसके केंद्र में मुद्दा ये है कि कंपिनयों को कोयले की खान बिना कोई बोली लगाए दी गईं.

विश्लेषकों का कहना था कि अगर इन कोयला खानों की नीलामी की गई होती तो सरकार को ये घाटा नहीं उठाना पड़ता.

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Image caption कथिक कोयला घोटाले को विपक्ष ने एक बड़ा मुद्दा बनाया था. फ़ाईल फ़ोटो

एसार पावर, हिंडाल्को, टाटा स्टील, टाटा पावर, जिंदल स्टील एंड पावर सहित 25 कंपनियों को विभिन्न राज्यों में कोयले की खानें दी गई थीं.

कैग की यह रिपोर्ट संसद में पेश की गई थी.

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