जब मायावती ने आरएसएस को 10 लाख दिए

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लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बनाए गए माधव सेवा आश्रम पर सिर्फ़ भाजपा ही नहीं बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती भी मेहरबान रही हैं.

वर्ष 2002 में जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बनाए गए माधव सेवा आश्रम का लोकार्पण हो रहा था, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आश्रम को 10 लाख रुपये दान दिए थे.

राजनाथ सिंह ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में इसे 50 लाख रुपये का अनुदान दिया था.

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संघ से जुड़े वीरेंद्र कुमार बताते हैं कि उस कार्यक्रम में मायावती ने दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर काम करने की बात कही थी.

भाई जी कहे जाने वाले आश्रम के एक संस्थापक सदस्य बताते हैं कि आश्रम का लोकार्पण करने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और गवर्नर विष्णुकांत शास्त्री के साथ मुख्यमंत्री मायावती भी आई थीं.

उन्होंने कहा, "मायावती जी ने समारोह में 10 लाख रुपये का दान देने की न केवल घोषणा की बल्कि दूसरे दिन शाम को चेक भी भिजवा दिया."

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मुख्यमंत्री के उप सचिव सुधीर सिंह चौहान ने 28 जून, 2002 के पत्र में लिखा था, "मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, द्वारा विवेकाधीन कोष से माधव सेवा आश्रम के विकास हेतु रुपये 10,00,000 (दस लाख रुपये मात्र) का अनुदान स्वीकृत किया गया है. उक्त धनराशि का चेक संलग्न करते हुए अनुरोध है कि धनराशि की प्राप्ति स्वीकार करने का कष्ट करें."

कांग्रेस प्रवक्ता सत्यदेव त्रिपाठी कहते हैं कि जब वह (मायावती) तीन बार भाजपा की मदद से मुख्यमंत्री बनी थीं तो माधव सभागार के लिए इस तरह उनका अनुदान देना कोई आश्चर्य की बात नहीं है, "सत्ता पाने के लिए वह कुछ भी कर सकती हैं."

2002 में बनी मायावती ने बीेजेपी के समर्थन से सरकार बनाई थी जिसमें पार्टी के सात कैबिनेट और दो राज्य मंत्री थे. इनमें लालजी टंडन भी थे जो उस समय नगर विकास मंत्री थे.

यह पूछने पर कि क्या मायावती को किसी ने ये अनुदान देने के लिए प्रेरित किया था, टंडन ने कहा, "कोई उनसे मांगने नहीं गया था. उन्होंने ये अनुदान मानव सेवा के लिए अपने मन से दिया था."

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बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर ने कहा चुनाव से पहले इस तरह की ख़बरें लोग फैलाते रहते हैं. साथ ही राजभर ने ये भी कहा, "मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है इसलिए मैं कोई कमेंट नहीं करूंगा."

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