भाजपा प्रायोजित हैं ओपिनियन पोल: गोगोई

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तरुण गोगोई ने बतौर असम के मुख्यमंत्री तीन कार्यकाल पूरे किए हैं. असम में चौथी बार कांग्रेस की सरकार बनने को लेकर वो पूरी तरह आश्वस्त हैं.

मगर हाल ही में कुछ निजी चैनलों के ओपिनियन पोल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) गठबंधन को बढ़त दिखाई गई है.

बीबीसी को दिए साक्षात्कार में तरुण गोगोई ने इस तरह के ओपिनियन पोल पर आपत्ति जताई. वो कहते हैं कि पत्रकार दिल्ली से तीन-चार दिन के लिए असम आते हैं और खुद को पूर्वोत्तर भारत का विशेषज्ञ मानने लगते हैं.

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वो कहते हैं, ''हमारे स्थानीय पत्रकारों को पता ही नहीं चलता है और दिल्ली से आए पत्रकार विशेषज्ञ बन जाते हैं. यह ओपिनियन पोल तो बीजेपी की ओर से प्रायोजित हैं. बिहार और दिल्ली के चुनाव परिणाम तो आपने देखे हैं ना.''

गोगोई कहते हैं कि सत्ता विरोधी लहर तो तब होती, जब विकास का काम नहीं किया होता. उनका दावा है कि असम में विकास हो रहा है इसलिए उन्हें इसका अवार्ड मिल रहा है.

वो कहते हैं, "लोग तो देख रहे हैं कि कौन सी पार्टी असम का विकास कर सकती है. हम अली-क़ुली की राजनीति नहीं मानते हैं."

अली बंगाली मुसालमानों को कहा गया है, जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने धान और सब्ज़ी की खेती के लिए नदी किनारे बसाया था. वहीं आदिवासियों को क़ुली कहा गया, जिन्हें पूर्वी और मध्य भारत क्षेत्र से यहां लाकर चाय बागानों में काम में लगाया गया.

वो कहते हैं, ''हिंदू-मुसलमान की राजनीति भाजपा का एजेंडा है. हम विभाजन नहीं करते हैं. हमारी और भाजपा की राजनीति इस मामले में अलग है.''

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गोगोई कहते हैं कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, असम में बांग्लादेश से घुसपैठ होने का आरोप लगाते हैं.

वो कहते, "मैं उनसे (राजनाथ सिंह से) पूछना चाहता हूं कि गृहमंत्री होने के नाते वो इस समस्या के लिए कर क्या रहे हैं? पहले जब लालकृष्ण आडवाणी थे तो उन्होंने क्या किया? आखिर राजनाथ सिंह ने दो साल में किया क्या है?"

वो आरोप लगाते हैं कि भाजपा के नेता चुनाव के समय आरोप लगाते हैं और बाद में चुप रहते हैं.

वो कहते हैं, "ये सब झूठ बोल रहे हैं वो. यह सब वो राजनीति कर रहे हैं. मान लीजिए कि घुसपैठ हो रही है तो, इसके लिए ज़िम्मेदार कौन है. भारत सरकार और गृह मंत्रालय ही तो इसके लिए ज़िम्मेदार हैं न."

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