आतिशबाज़ी लोगों के दबाव में हुई: प्रशासन

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केरल के कोल्लम में मंदिर में आतिशबाज़ी से हुए हादसे में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है.

पुत्तिंगल मंदिर में आतिशबाज़ी के कारण पटाखों में आग लगने से सौ से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी और क़रीब 400 लोग घायल हुए थे.

जिन पांच लोगों को पुलिस ने पकड़ा है वो पारावुर के पुत्तिंगल मंदिर में ही काम करते थे. इनसे बिना इजाज़त आतिशबाज़ी के मामले में पूछताछ की जा रही है.

राज्य सरकार ने हादसे की न्यायिक जांच के आदेश पहले ही दे दिए हैं.

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केरल पुलिस मंदिर प्रशासन और मंदिर उत्सव के आयोजन से जुड़े कुछ वरिष्ठ लोगों की तलाश कर रही है.

आतिशबाज़ी के कारण पटाखों में आग लगने मंदिर का एक हिस्सा गिर गया था जिससे कई लोगों की मौत हो गई थी.

प्रशासन का कहना है कि मंदिर को सुरक्षा मानक देखते हुए आतिशबाज़ी की इजाज़त नहीं दी गई थी लेकिन लोगों के दबाव के कारण यह कार्यक्रम किया गया.

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कोल्लम में पुलिस अधिकारी पी प्रकाश ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "मंदिर में काम करने वाले पांच लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा गया है. यह आधिकारिक गिरफ़्तारी नहीं है, पूछताछ के बाद पता लगेगा कि इनकी आतिशबाज़ी के कार्यक्रम में क्या भूमिका थी."

केरल में पुलिस के मुखिया टीपी सेनकुमार ने कहा है कि मारे गए कई लोगों की लाशें पहचानना मुश्किल है और इनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किया जाएगा.

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