'रणछोड़' पुलिसवालों की लिस्ट बनेगी

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हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की जांच कर रहे पैनल के प्रमुख प्रकाश सिंह ने कहा है कि जिन पुलिसवालों ने आंदोलन के दौरान अपनी पोस्ट को छोड़ दिया था, उनके नाम उनके पास आ गए हैं और सूची बनाने पर काम चल रहा है.

उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह ने बताया कि पोस्ट छोड़ने वाले पुलिसवालों से उनकी बात हुई है लेकिन पुलिसवालों ने क्या जवाब दिया, ये उन्होंने नहीं बताया.

बीबीसी से बातचीत में प्रकाश सिंह ने कहा, “जो लोग हमारे नोटिस में आ गए हैं, उनका नाम सूची में डाला जाएगा.... हम रिपोर्ट में साफ़ साफ़ बात करेंगे.”

फ़रवरी में हरियाणा के जाटों ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थाओं में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन किया था जिससे खासी तबाही हुई थी.

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पैनल का काम ये पता करना है कि हरियाणा के जिन इलाकों में हिंसा हुई, वहां के स्थानीय अधिकारियों की क्या भूमिका थी, क्या उन्होंने ज़िम्मेदारी से काम किया या फिर उन्होंने ज़िम्मेदारी छोड़ दी.

जांच पैनल में पूर्व आईपीएस अफ़सर प्रकाश सिंह के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन और डीजीपी केपी सिंह भी शामिल हैं.

प्रकाश सिंह ने कहा कि अभी आंदोलन पर रिपोर्ट पर काम चल रहा है और रिपोर्ट महीने के अंत तक तैयार हो जाएगी. उन्होंने उन मीडिया रिपोर्टों को ग़लत बताया जिनमें दावा किया गया था कि रिपोर्ट का एक हिस्सा मीडिया के पास है.

प्रकाश सिंह ने हरियाणा में पुलिस व्यवस्था के “ढह” जाने के लिए “पुलिस के राजनीतिकरण” को दोषी ठहराया.

उन्होंने बीबीसी से कहा, “पूरे देश में पुलिस का राजनीतिकरण बेहद ख़तरनाक है. अगर इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कल को ऐसी स्थिति देश के किसी और राज्य में हो सकती है.”

लेकिन क्या चीज़ें सुधरेंगीं? प्रकाश सिंह ने कहा, “नेता तो अपने स्वार्थ में अंधा है. वो कुछ सुनने को तैयार नहीं है. वो आज का आधुनिक धृतराष्ट्र है... नेता (कुछ) नहीं करते हैं न करें लेकिन लोगों का दबाव तो होना चाहिए.”

प्रकाश सिंह ने कहा कि उन्हें हरियाणा सरकार से पूरा सहयोग मिला है और सरकार ने उन्हें जांच के दौरान सभी सुविधाएं मुहैया करवाई हैं.

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रिपोर्ट के स्टेटस पर उन्होंने कहा कि अभी तक रिपोर्ट का पूरा ड्राफ़्ट भी नहीं लिखा गया है और “रिपोर्ट इतनी सुरक्षा में रखी गई है कि इसे डीजीपी केपी सिंह, मेरा स्टेनो भी इसे हासिल नहीं कर सकते.”

आठ जगहों पर इस पैनल ने करीब 2500 लोगों से बातचीत की है.

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