पुनर्वास गृह में 8 बच्चों सहित 11 की मौत

  • 29 अप्रैल 2016
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जयपुर के एक सरकारी मानसिक विमंदित महिला एवं बाल कल्याण पुनर्वास गृह में 12 दिन के भीतर आठ बच्चों सहित 11 मौतें होने की ख़बर है.

अभी नौ अन्य बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं और तीन की हालत नाज़ुक है. इस पुनर्वास गृह में 11 से 35 वर्ष के उम्र के 200 मानसिक विमंदित रहते हैं.

सामाजिक अधिकारिता एवं न्याय मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि प्राथमिक तौर पर कोई बेक्टीरियल या अन्य कोई इन्फेक्शन लगता है.

उन्होंने शुक्रवार को एक तीन सदस्यीय समिति गठित की है जो इन मानसिक रूप से कमज़ोर बच्चों की मौत के कारणों की जांच करेगी और 15 दिन के अन्दर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.

सरकार ने पुनर्वास गृह में कुछ समय के लिए 20 अतिरिक्त केयरटेकर्स और एक अस्थाई डिस्पेंसरी की व्यवस्था की है.

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उन्होंने एक पत्रकार वार्ता में कहा कि वे किसी को कोई 'क्लीन चिट' नहीं दे रहे पर उन्हें प्रथम दृष्टिया कोई लापरवाही नहीं लगती क्योंकि बच्चों की तबियत बिगड़ते ही उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया.

उधर इस पुनर्वास गृह की अधीक्षक अनीता चौधरी ने बीबीसी को कहा कि मौत के कारणों का रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा. उनकी तरफ से कोई गलती नहीं हुई है.

उन्होंने कहा कि इन मानसिक विमंदित बच्चों से उनके घरवाले मिलने नहीं आते थे.

कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने इस प्रकरण को सरकारी अनदेखी का जीता जागता उदहारण कहा है जहाँ दूषित भोजन एवं पानी से बच्चों की मौत हो गई.

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