पासपोर्ट रद्द करने से पैसा नहीं मिलेगा: माल्या

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विवाद से घिरे उद्योगपति विजय माल्या ने लंदन में फ़ाइनेंशियल टाइम्स को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा है कि उनका पासपोर्ट रद्द करने या उनकी गिरफ़्तारी से कोई पैसा नहीं मिलने वाला है.

चार घंटे के इस साक्षात्कार में माल्या ने कहा कि वे अपने कारोबारी करियर के एक दुखद अध्याय को बंद करना चाहते हैं.

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उन्होंने कहा, "हम बैंकों के साथ हमेशा बात करते रहे हैं. कर्ज़ भी चुकाना भी चाहते हैं लेकिन इस वक़्त हमारी जो क्षमता है उसी आधार पर निपटारा होना चाहिए और बैंको ने पहले भी ऐसा कई बार किया है."

भारतीय विदेश मंत्रालय ने उद्योगपति विजय माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया है और उनके ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट भी जारी हुआ है. भारत का विदेश मंत्रालय उनके निर्वासन के लिए क़ानूनी सलाह ले रहा है.

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प्रवर्तन निदेशालय ने 13 अप्रैल, 2016 को विजय माल्या के पासपोर्ट को निलंबित करने की मांग की थी. निदेशालय के मुताबिक तीन बार नोटिस देने के बावजूद विजय माल्या एजेंसी के सामने हाज़िर नहीं हुए.

आईडीबीआई बैंक के 900 करोड़ कर्ज नहीं लौटाने के मामले में जांच में सहयोग देने के लिए निदेशालय, माल्या को एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कह रही थी.

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माल्या का पासपोर्ट रद्द होने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन सरकार से उनके निर्वासन के लिए पत्र लिखा है.

भारत सरकार उनके प्रत्यर्पण के लिए कोशिश कर रही है ऐसे में माल्या कहते हैं कि उनकी ब्रिटेन छोड़ने की कोई योजना नहीं है जहां वह "निर्वासित ज़िंदगी" जीने के लिए बाध्य हैं.

उन्होंने कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में बैंकों के कुछ बकाया राशि का भुगतान करने की पेशकश की थी लेकिन बैंकों ने ये रकम लेने से इनक़ार कर दिया.

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Image caption विजय माल्या के कर्ज़ न लौटाने को ले कर इस साल मार्च में उनके घर के सामने गुस्साई भीड़ में प्रदर्शन किया

उनके मुताबिक़ बैंक उनके कर्ज़ में थोड़ी भी कटौती करने से डर रहे हैं क्योंकि भारत में उनके ख़िलाफ़ सार्वजनिक भावना उन्माद के स्तर तक पहुंच चुकी है.

उन्होंने कहा, "भारत के माहौल को समझना ज़रूरी है. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया न केवल सार्वजनिक विचारधाराओं को बदलने में अहम भूमिका निभा रही है बल्कि यह काफी हद तक सरकार को भी उकसाती है."

माल्या को अपनी कुल बकाया रकम पर भी ऐतराज़ है और उनका कहना है कि यह काफी बढ़ी हुई रकम है.

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भारत के प्रवर्तन निदेशालय ने माल्या पर इस संदेह पर निशाना साधा है कि उन्होंने संभवतः आईडीबीआई बैंक के 900 करोड़ रुपये के कर्ज़ के कुछ हिस्से को विदेश में रखा है.

माल्या इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए सरकार से कहते हैं कि वे दुनिया के सबसे अच्छे ऑडिटर को भेजकर जांच करवा सकते हैं क्योंकि उन्होंने किंगफ़िशर के फंड को संपत्ति या किसी दूसरी चीजों में निवेश नहीं किया है.

इस साक्षात्कार के दौरान माल्या नरेंद्र मोदी सरकार के नेतृत्व वाले सरकार की आलोचना करने से हिचकते रहे. उन्होंने इस बात को भी ख़ारिज किया कि उनके ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वॉरंट जारी करने और उनका पासपोर्ट रद्द करने के पीछे नरेंद्र मोदी का कोई हाथ रहा होगा.

उन्होंने कहा, "मैं एक स्थिर सरकार के साथ खुश हूं. अगर राज्य सभा में भी सरकार को बहुमत मिल जाए तो मुझे ख़ुशी होगी."

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उन्होंने कहा कि पेशेवर बैंकर निपटारा करके आगे बढ़ना चाहते हैं लेकिन मेरी छवि जिस तरह पेश की जा रही है उसकी वजह से वह मुझे कोई छूट देने से हिचक रहे हैं क्योंकि उन्हें मीडिया की आलोचना झेलनी पड़ेगी और भारत की सतर्कता एजेंसियां जांच करने लगेंगी.

उनका कहना है कि वह एक देशभक्त हैं और उन्हें भारतीय झंडा लहराने में गर्व महसूस होता है लेकिन उनको लेकर इतना शोरगुल मचा हुआ है कि उन्हें इस वक़्त ब्रिटेन में ही रहना सुरक्षित लग रहा है.

विजय माल्या दो मार्च को ब्रिटेन चले गए थे. वह राज्य सभा के सदस्य के तौर पर डिप्लोमेटिक वीज़ा के साथ ब्रिटेन रवाना हुए थे. विजय माल्या पर बैंकों का 9000 करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है.

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