जैन संतों की 'स्वच्छ भारत' से मुक्ति की मांग

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जैन समुदाय से संबंध रखने वाले दिगंबर पंथ के लोगों ने मध्यप्रदेश सरकार से मांग की है कि जैन संत और साधुओं को खुले में शौच पर लगने वाले प्रतिबंध से छूट मिलनी चाहिए.

दिगंबर जैन समाज के साधु किसी भी तरह का कोई वस्त्र धारण नहीं करते हैं और खुले में शौच करते हैं.

दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फ़ेडरेशन ने अपनी मांग का एक ज्ञापन सरकार को सौंपा है.

दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फ़ेडरेशन के अध्यक्ष रविंद्र जैन ने बीबीसी को बताया,“हम यही चाहते हैं कि सरकार जैन समाज के संत और साधुओं को खुले में शौच करने की छूट दे. समाज के संत और साधु अभी तक खुले में ही शौच करते रहे हैं और वो कभी भी शौचालय का प्रयोग नहीं करते हैं.”

केंद्र सरकार के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत प्रदेश के कई स्थानों पर खुले में शौच करने वालों के ख़िलाफ़ सख्ती शुरु हो गई है.

केंद्र सरकार 2 अक्टूबर 2019 तक खुले में शौच को पूरी तरह से बंद करना चाहती है. यही वजह है कि जैन समुदाय अपने संत और साधुओं के लिए खुले में शौच करने की अनुमति चाहता है.

मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने बीबीसी को बताया, “जैन समुदाय के संतों और साधुओं को इस तरह की छूट देने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. इनकी संख्या बहुत ज्यादा नहीं है और इससे कोई ग़लत प्रभाव नहीं पड़ना है. एक समुदाय विशेष की ज़रुरत और आदत को देखते हुए ये किया जा सकता है.”

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