केरलः दलित औरत की हत्या, शरीर पर थे 30 ज़ख्म

  • 3 मई 2016
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केरल के पेरंबवूर में 29 साल की एक दलित औरत से बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई है. लड़की के शव परीक्षण और जांच से यह बात सामने आई है.

28 अप्रैल को एरुविचिरा के कुरुप्पमपदी में लड़की अपने घर में मृत पाई गई थी. उस समय उसकी मां घर पर थीं.

युवती के शव का पोस्टमॉर्टम अलाप्पुझा सरकारी मेडिकल कॉलेज में किया गया.

मेडिकल कॉलेज के मोडिकल अफ़सर के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि किसी तेज़ हथियार से युवती की आंतों को बाहर निकाला गया. यही नहीं, उसके शरीर पर चाक़ू के 30 निशान थे और सीने में दोधारे हथियार के घाव मिले.

रिपोर्ट के मुताबिक़ सिर पर चोट की वजह से लड़की की मौत हुई है.

वो एलएलबी की सप्लीमेंटरी परीक्षा की तैयारी कर रही थी. जब वह सात साल की थी, तभी उसके पिता ने परिवार छोड़ दिया था. लडकी और उसकी मां जैसे-तैसे काम करके जीवन बिता रहे थे.

हालांकि इस मामले में कोच्चि के पुलिस अधीक्षक यतीश चंद्र का कहना है कि घटनास्थल से लिए नमूनों को फ़ॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और नतीजे एक हफ़्ते में आएंगे. उनका कहना था कि हत्या के पहले लड़की के साथ गंभीर शारीरिक अत्याचार की पुष्टि होना बाक़ी है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में पता चला कि जीशा की हत्या तब की गई जब वह बलात्कार की कोशिश का विरोध कर रही थी. पुलिस के मुताबिक मौत का सही वक़्त अभी तय नहीं हुआ है. पेरंबवूर डिप्टी एसपी अनिल कुमार की अध्यक्षता में एक टीम इस मामले की जांच में जुटी है.

कुरुप्पमपदी इलाक़े के सर्किल इंस्पेक्टर राजेश केएन का कहना है कि पुलिस को अभी तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की प्रति नहीं मिली है.

जांचकर्ताओं का कहना था कि इस मामले में वो आप्रवासी मज़दूरों की भूमिका का भी पता लगा रहे हैं.

विपक्षी दल लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने जांच में तेज़ी लाने की मांग की है.

डेमोक्रेटिक कल्चरल सोसायटी ने राजभवन तक मार्च करके सरकार से ऐसे मामलों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मांग की है.

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