अम्मा देंगी, लैपटॉप से लेकर सोने की गिन्नी तक

  • 5 मई 2016

एआईएडीएमके प्रमुख जयललिता ने मुफ़्त चीज़ों की लंबी लिस्ट वाला पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी किया है, ताकि सत्ता-विरोधी रूझान की धार को कम किया जा सके.

वो शायद अपने राजनीतिक गुरु एमजी रामाचंद्रन के तमिलनाडु की सत्ता में सबसे लंबे वक़्त तक बने रहने का रिकार्ड भी तोड़ना चाहती हैं.

उन्होंने महिलाओं के मोपेड ख़रीदने पर 50 फ़ीसद सब्सिडी, कृषि और शिक्षा पर लिए गए क़र्ज़ की माफ़ी, दो महीने में 200 यूनिट मुफ़्त बिजली जैसी चीज़ों का वादा किया है.

उनकी पार्टी ने सबसे अंत में अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया है. लेकिन उन्होंने अपने ख़ास अंदाज़ में कहा है कि घोषणा पत्र के अलावा और भी कल्याणकारी योजनाएं लागू की जाएंगी.

Image caption अम्मी किचन सूबे में लोगों के बीच बहुत प्रचिलित है.

उन्होंने कहा कि लोगों को मंहगाई की मार से बचाने के लिए जो ‘अम्मा कैंटीन’ चलाई जा रही हैं उसका एलान उन्होंने अपने घोषणा पत्र में नहीं किया था.

उन्होंने कहा, ‘मुझे लोगों ने बनाया है. मैं लोगों के लिए हूं.’

अपने चुनाव प्रचार में वो विरोधियों पर तीखे प्रहार कर रही हैं.

उनके वायदों में शामिल हैं:

  • साल 2016-2021 के बीच किसानों को कर्ज़ के लिए 40,000 करोड़ रूपये का आवंटन
  • कक्षा 10-बारहवीं के छात्रों को इंटरनेट के साथ लैपटॉप
  • 18,000 का मैटरनिटी भत्ता
  • हेल्थ चेक-अप, महिलाओं के विशेष चेक-अप की सुविधाएं सभी ज़िलों में
  • सरकारी सुविधाओं के लिए अम्मा बैंकिग कार्ड
  • नई ग्रेनाइट नीति
  • शादी से पहले लड़कियों को सोने की एक गिन्नी

एआईएडीएमके ने विरोधी दल डीएमके चुनावी वादों से आगे जाने की कोशिश की है.

अगर डीएमके ने कहा है कि वो युवाओं को रोज़गार मुहैया करवाएगा तो जयललिता ने वादा किया है कि हर परिवार के एक व्यक्ति को रोज़गार मिलेगा.

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अगर डीएमके छह माह के मैटरनिटी छुट्टी (प्रसूति अवकाश) की बात कही है तो एआईएडीएमके ने इसके लिए नौ माह का वादा किया है.

अगर डीएमके ने कहा है कि वो जीतने के बाद स्मार्टफ़ोन देगा तो जयललिता ने कहा है कि सभी राशनकार्ड धारियों को सेल फ़ोन मिलेगा.

लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि डीएमके और एआईएडीएमके के प्रतिस्पर्धा वाली राजनीतिक का वोटरों को फ़ायदा हुआ है.

लेकिन इस बार मुद्दे अलग हैं. इसलिए घोषणा पत्र के रिलीज़ का समय बहुत अहम हो जाता है.

राजनीतिक विश्लेषक भगवान सिंह कहते हैं, “इतनी अधिक मुफ़्त चीज़ें उनके हताशा की निशानी है. घोषणा पत्र वैसे वक़्त लागू हुआ है जब इस तरह के सर्वे आ रहे हैं जिनमें कहा जा रहा है कि जिन इलाक़ो में अबतक एआईएडीएमके मज़बूत रही है वहां भी कांग्रेस-डीएमके गठबंधन आगे है.”

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