'हरीश रावत को मिले बहुमत दिखाने का मौका'

  • 6 मई 2016
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केंद्र सरकार ने कहा है कि वह उत्तराखंड विधानसभा में अदालत की निगरानी में शक्ति परीक्षण कराने पर सहमत है.

मंगलवार 10 मई को विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराया जाएगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कोर्ट ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को विधानसभा के पटल पर विश्वास मत हासिल करने का मौका दिया जाना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कांग्रेस के 9 बाग़ी विधायक शक्ति परीक्षण में मतदान नहीं कर सकते हैं.

अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि मतदान की प्रक्रिया पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त या पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को यह सुझाव दिया था कि उत्तराखंड के मामले पर वो विधानसभा में शक्ति परीक्षण के बारे में विचार करे.

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उत्तराखंड में शक्ति परीक्षण के लिए वह पर्यवेक्षक नियुक्त करे.

इस समय उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू है.

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इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से पूछा था कि कोर्ट की निगरानी में शक्ति परीक्षण क्यों नहीं हो सकता?

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य में राष्ट्रपति शासन को रद्द कर दिया गया था. जिसके बाद केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था.

अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है और कोर्ट ने फ़िलहाल हाईकोर्ट के फ़ैसले पर रोक लगा रखी है.

उत्तराखंड में सियासी संकट की शुरुआत 18 मार्च को हुई. इस दिन कांग्रेस के 36 विधायकों में से नौ बागी हो गए और वित्त विधेयक पर मतदान के समय भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के साथ नज़र आए थे.

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