'बाद में बोलेंगे कि वो डिग्री भी जुमला थी'

भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीए और एमए की डिग्रियां दिखाकर इस मामले को शांत करने की कोशिश की.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी की डिग्रियों की कॉपियां पत्रकारों को बांटी और कहा कि केजरीवाल को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए.

लेकिन अगले कुछ ही मिनटों में आम आदमी पार्टी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि दिखाई गई मोदी की डिग्रियां फर्जी हैं.

इसके साथ ही सोशल मीडिया पर #KejriwalSaySorry और #PMfarziDegree से मोदी समर्थक और आप समर्थक आमने-सामने आ गए.

बीबीसी हिंदी ने भी अपने सोशल मीडिया पन्ने पर #KahaSuni से लोगों से राय मांगी थी कि क्या केजरीवाल को माफ़ी मांगनी चाहिए?

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#KahaSuni में लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही. कुछ का कहना था कि अगर ये डिग्रियां फर्जी नहीं हैं तो केजरीवाल के ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा दायर किया जाना चाहिए, जबकि कुछ की राय थी कि केजरीवाल को माफ़ी मांगनी चाहिए.

वाणी भारद्वाज ने लिखा, "भाजपाई अगर मोदी की डिग्री को लेकर इतने आश्वस्त हैं तो केजरीवाल पर केस क्यों नहीं करते. जानते हैं केस खुलेगा तो डीयू का एक-एक पेज खंगाला जाएगा."

नवनीत पांडे ने #कहासुनी में लिखा, "अरविंद केजरीवाल का खौफ़ तो देखो! बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह को जेटली के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी की डिग्री सार्वजनिक करनी पड़ रही है. वो भी फर्जी डिग्री."

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आमिर इक़बाल ने लिखा, "1978 में ये जनाब ग्रेजुएट होकर भी चाय क्यों बेच रहे थे. उस जमाने में तो सरकारी नौकरी आसानी से मिल जाती थी."

संजय राठौर ने कहा, "केजरीवाल पर मोदीजी को मानहानि का केस ठोकना चाहिए. केजरीवाल ने देश के पीएम के सम्मान में ठेस पहुँचाई है."

दिलीप वर्मा ने लिखा, "मीडिया को बिना सही जानकारी के ख़बरें नहीं दिखानी चाहिए. इस मुद्दे पर मीडिया भी माफ़ी मांगे."

रश्मि जोशी ने लिखा, "हमें विकास के मुद्दों और भविष्य को देखना चाहिए, लेकिन यहां नेताओं को एक-दूसरी की टांग खींचने से ही फुरसत नहीं है. परस्पर सम्मान तो खत्म ही हो गया समझो."

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अंकिता जैन ने केजरीवाल पर चुटकी लेते हुए लिखा, "मोदी की डिग्री देखने के बाद अब केजरीवाल ने मोदी के होमवर्क की कॉपियों की जाँच कराने को कहा है....उनका आरोप है कि मोदी स्कूल में अपना होमवर्क पूरी नहीं करते थे."

प्रेमसुख चौधरी ने लिखा, "अमित शाह 15 लाख की तरह बाद में बोलेंगे कि वो डिग्री भी जुमला थी."

सोनम महाजन ने ट्वीट किया, "ये केजरीवाल का पब्लिसिटी स्टंट है और आप की विफलताओं से लोगों का ध्यान हटाने के लिए है."

सुंदर प्रकाश ने ट्वीट किया, "डिग्रियां प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिये क्यों सार्वजनिक की गईं, आरटीआई में जवाब क्यों नहीं दिया गया."

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