'मलयालियों का अपमान, भाजपा का खाता न खुलेगा'

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केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'केरल के हालात सोमालिया से भी बदतर' वाले बयान को 'मलयालियों का अपमान और उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश' बताया है.

चांडी ने मंगलवार रात केरल में एक चुनावी सभा में कहा था कि उन्होंने पत्र लिखकर मोदी अपना बयान वापस लेने की मांग की है, हांलांकि मोदी ने उनकी मांग को अनदेखा कर दिया.

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एक चुनावी सभा में मोदी ने कहा था- 'कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की अगुवाई वाले लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट में बारी-बारी से पांच-पांच साल सत्ता में बने रहने का समझौता है. वो दोनों जनता को अच्छा भविष्य नहीं दे पा रहे हैं.'

चांडी ने बीबीसी से बातचीत में कहा, ''सभी मलयालियों को केरल पर गर्व है. वो जहां भी गए हैं, वहां केरल का नाम रोशन किया है. ये दुनियां भर के मलयालियों का अपमान है.''

अपने सूबे की तुलना सोमालिया से किए जाने पर चांडी ने कहा, ''ये बहुत गंभीर मामला है. जहां तक सोमालिया का सवाल है वो मानव विकास सूचकांक में किस स्थान पर है? केरल इस मामले में देश भर में पहले नंबर पर है. वो केरल के लोगों का अपमान कर उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं.''

उन्होंने कहा कि लोग इस बात को लेकर बहुत नाराज़ हैं. चांडी को भरोसा है कि यूडीएफ़ इस बार पुराने ट्रेंड को तोड़ेगी और सत्ता में लगातार दोबार वापसी करेगी.

लेकिन कई जानकारों के मुताबिक यूडीएफ़ गठबंधन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. चांडी का कहना था, "हाल के हुए सभी चुनाव में वोटरों ने हमारे गठबंधन पर ही मुहर लगाई है. भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में भी अपना खाता नहीं खोल पाएगी."

मैंने उनसे पूछा कि उन्हें किस बात का ज़्यादा फ़ायदा होगा, केरल और सोमालिया की तुलना वाली बात का या कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के ज़ज़्बाती भाषण का?

चांडी का कहना था कि मोदी अगस्ता वेस्टलैंड हैलीकॉप्टर की ख़रीद में घोटाले पर जांच बैठा सकते थे लेकिन प्रधानमंत्री का इस तरह का भाषण शोभा नहीं देता.

मोदी ने कुट्टानाद की एक सभा में कहा था कि 'इटली में उनके रिश्तेदार नहीं रहते हैं तो फिर बीजेपी को क्यों निशाना बनाया जा रहा है?'

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दूसरे दिन सोनिया गांधी ने एक चुनावी जनसभा में कहा कि इटली में उनके रिश्तेदार रहते हैं और वो ईमानदार हैं और उन्हें इस बात पर गर्व है.

सोनिया ने ये भी कहा कि वो भारत में ही अंतिम सांस लेंगी. चांडी का कहना था कि सोनिया का भाषण सुनने वाले ख़ुद को उनसे जुड़ा महसूस कर रहे हैं.

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