'पैसेंजर' को उतारने पर 10 लाख रूपये जुर्माना

  • 12 मई 2016
इमेज कॉपीरइट AFP

सुप्रीम कोर्ट ने एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट को 'सेरेब्रल पाल्सी' से प्रभावित एक महिला यात्री को विमान से ज़बरदस्ती उतारने के लिए 10 लाख रुपये का हर्जाना भरने को कहा है.

अदालत ने कहा है कि जीजी घोष को जिस तरह से विमान से ऑफ़लोड किया गया उसमें 'संवदेनहीनता नज़र आती है.'

दो जजों की ख़ंडपीठ ने कहा कि हमें ये पता चलने के बाद कि घोष को जिस तरह से नियमों के ख़िलाफ़ विमान से उतरने को मज़बूर किया गया, जिसकी वजह से उन्हें मानसिक और शारीरिक यातना से गुज़रना पड़ा, हम उन्हें 10 लाख रूपये हर्जाना दिए जाने का हुक्म देते हैं.

ये मामला साल 2012 का है.

46 साल की मिस घोष कोलकाता के इंडियन इस्टीच्यूट ऑफ सेरेब्रल पाल्सी में शिक्षिका हैं. वे अक्सर देश के भीतर और विदेश में अकेले हवाई यात्रा करती रहती है.

लेकिन जब वे कोलकाता से गोवा जा रही थीं तब स्पाइसजेट के एक विमान के पायलट ने यह कहते हुए घोष को उतार दिया था कि वे उड़ान भरने में सक्षम नहीं हैं.

हालांकि एयरलाइन ने 2012 में बयान जारी करते हुए घोष को हुई असुविधा के लिए माफ़ी मांग ली थी.

स्पाइसजेट को दो महीनों के हर्जाने की रक़म अदा करने को कहा गया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार