'बिहार में जंगल राज लौट आया'

  • 13 मई 2016
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बिहार के सिवान में हिंदुस्तान अख़बार के ब्यूरो चीफ़ राजदेव रंजन की शुक्रवार देर शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) ने वर्तमान सरकार के क़ानून व्यवस्था को लेकर किए गए दावों पर सवाल खड़े किए हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफ़े की मांग की है.

बिहार विधानसभा के नेता विपक्ष प्रेम कुमार ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा, "सुशासन की सरकार में और तो लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी सुरक्षित नहीं है. पूरे बिहार में अपराधियों का बोलबाला है."

प्रेम कुमार का कहना था, " बिहार में पुन: जंगलराज लौट आया है."

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सिवान के पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार साह ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा को बताया, "एक रेलवे पुल के पास पत्रकार को दो गोलियां मारी गई हैं. उनकी मौके पर ही मौत हो गई."

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पुलिस अधीक्षक ने बताया, "हमलावर मोटरसाइकिल पर आए थे. उनकी संख्या अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन हम ये मान कर चल रहे हैं कि हमलावर दो या तीन हो सकते हैं."

उन्होंने बताया कि मृतक पत्रकार राजदेव रंजन के परिजन अभी बयान देने की स्थिति में नहीं हैं. परिजनों के बयान लेकर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस हत्यारों की तलाश में जुटी है.

राज्य के गया ज़िले में करीब छह दिन पहले गाड़ी ओवरटेक करने पर एक छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

हत्या का आरोप सत्ताधारी जनता दल (यू) की पार्षद मनोरमा देवी के बेटे रॉकी यादव पर है, जो इस समय हिरासत में हैं.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और बिहार के नेता शाहनवाज़ हुसैन ने सिवान की घटना पर ट्वीट किया, "राजदेव रंजन निर्भीक होकर लिखने वाले पत्रकार थे. बहुत दुख हुआ सुनकर कि उनकी हत्या कर दी गई."

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शाहनवाज़ ने इसके बाद दो ट्वीट और किए, "यह जंगल राज नहीं, महा जंगल राज है."

उन्होंने आगे लिखा है, "सिवान के हिन्दुस्तान अखबार के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन की हत्या. नीतीश बनारस घूम रहे हैं और बिहार में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ खतरे में है."

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