केरलः भाजपा को पहली जीत 86 वर्षीय राजगोपाल ने दिलाई

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केरल में भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार चुनावी जीत दर्ज की है. यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी सचिव रह चुके 86 वर्षीय ओ राजागोपाल ने जीती है.

ओ राजागोपाल ने नेमम विधानसभा सीट पर पिछली सरकार में तिरुवनंतपुरम् के मेयर और सीपीएम से दो बार विधायक रह चुके वी. सिवनकुट्टी को 8671 वोटों से हराया.

भाजपा के ओ राजागोपाल ने पहली बार 1980 में जनता पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव लड़ा था और हार गए थे.

उसके बाद वे मंजेरी से साल 1989 और तिरुवनंतपुरम से 1991, 1999, 2004 में लोकसभा चुनाव लड़े लेकिन हर बार हार गए.

राजागोपाल 1992 से 2004 तक भाजपा की ओर से राज्य सभा में सांसद रहे.

साल 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उन्हें रेल राज्य मंत्री बनाया गया था.

फिर उन्होंने 2011 और 2012 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा और हार गए.

2014 के आम चुनाव में एक बार फिर तिरुवनंतपुरम सीट पर वो कांग्रेस के शशि थरूर से आमने-सामने थे और मतगणना में लंबे समय तक बढ़त बनाए रखने के बावजूद आखिरी तीन राउंड में स्थिति पलटी और वो हार गए.

इसीलिए गुरुवार को जब 2016 के केरल विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों में वो 10,000 वोटों से आगे थे, तब भी उन्होंने मीडिया से तब तक बात नहीं की. उन्होंने तभी मीडिया से बात की जब पूरा नतीजा सामने आया.

ओ राजागोपाल ने नतीजे घोषित होने के बाद बीबीसी से बातचीत में कहा, "ये मेरी व्यक्तिगत जीत नहीं. बल्कि यह जीत उन हज़ारों-लाखों पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता की है जो केरल को एक बेहतर कल की ओर ले जाना चाहते हैं."

उन्होंने कहा, "केरल की जनता बदलाव चाहती थी. न सिर्फ प्रशासन या सरकार में, बल्कि केरल के राजनीतिक ढांचे में भी. और यही बीजेपी ने कर दिखाया है."

केरल में पार्टी की एक ही सीट जीतने पर राजागोपाल ने कहा, "बीजेपी केरल में एक बड़ी ताकत बन गई है, सीट हमने चाहे एक ही जीती हो, हम सात सीटों में दूसरे नंबर की पार्टी बने हैं."

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