कभी 12 घंटे पढ़ी, किसी दिन छुट्टी मारी: सुकृति

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सीबीएसई की बारहवीं क्लास की ऑल इंडिया टॉपर सुकृति गुप्ता कहती हैं कि वो ज़्यादा प्लानिंग नहीं करती हैं और पढ़ाई के दौरान उन्होंने कोई ख़ास तनाव महसूस नहीं किया.

उन्होंने बीबीसी से ख़ास बातचीत में बताया कि वो केवल अच्छी तरह तैयारी करने पर ध्यान देती हैं, 100 प्रतिशत नंबर हासिल करने पर नहीं.

दिल्ली के मॉन्टफ़ोर्ड स्कूल की सुकृति ने 12वीं की परीक्षा में 500 में से 497 नंबर हासिल किए हैं.

उन्होंने कहा- "अपनी तरफ से पूरी मेहनत की और रिज़ल्ट भगवान पर छोड़ दिया. मैं आज जहां भी हूं भगवान के आशीर्वाद से हूं, जिन्होंने मेरे परिवार के ज़रिए मुझे यहां तक पहुंचाया."

पढ़िए सुकृति से हरिता कांडपाल की बातचीत के मुख्य अंश...

सवाल: बोर्ड की परीक्षा की तैयारी कर रहे बच्चों से आप क्या कहेंगी?

सुकृति: मैं छात्रों से यही कहती हूँ कि दिमाग़ ठंडा रखें, अपनी तरफ से मेहनत करें. रिज़ल्ट अपने आप अच्छे आएंगे.

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सवाल: आपके रिज़ल्ट पर माता-पिता ने क्या कहा? क्या कोई पार्टी का प्रोग्राम है?

सुकृति: वो खुश हैं, हमने पार्टी के लिए आगे का समय रखा है, क्योंकि अभी मुझे कई कंपीटीशन देने हैं.

सवाल: आपको कौन से विषय सबसे अच्छे लगते हैं?

सुकृति: मुझे सभी विषय अच्छे लगते हैं. मेरे लिए सारे विषय एक जैसे हैं. मेरे लिए ऐसा कुछ नहीं था ये विषय ज़्यादा अच्छा है और इसमें अच्छे मार्क्स आने चाहिए.

सवाल: क्या पढ़ाई के दौरान आपको कभी तनाव भी महसूस हुआ?

सुकृति: नहीं, मैंने कभी भी तनाव महसूस नहीं किया, क्योंकि मैं कभी 100 अंक लाने के बारे में नहीं सोचती थी. मैं केवल अपनी तरफ से सबसे अच्छा करने के बारे में सोचती थी.

सवाल: आपने रोज़ाना कितनी देर पढ़ाई की?

सुकृति: यह मेरे मन के उपर था. कभी 12 घंटे भी पढ़ लेती थी और मन नहीं करता था, तो किसी-किसी दिन नहीं भी पढ़ती थी.

सवाल: इस रिज़ल्ट पर दोस्तों, शिक्षकों ने क्या कहा?

सुकृति: मेरे दोस्त काफ़ी खुश हैं. मेरे सारे शिक्षकों के फ़ोन आए. सभी ने मुझे बधाई दी और शुभकामनाएं दीं. मैं अपने सारे शिक्षकों की शुक्रगुज़ार हूं, क्योंकि मैं आज जो कुछ भी हूं उन्हीं की वजह से हूं.

सवाल: आप क्या बनना चाहती हैं?

सुकृति: मैं इंजीनियर बनना चाहती हूं, लेकिन आगे की बहुत प्लानिंग करने से अच्छा नहीं होता. उस समय जो ठीक लगेगा, वही करूंगी.

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