तीन लोगों के शिकार के बाद 13 शेर बंदी

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गुजरात में शेरों के हमले में एक किशोर समेत तीन लोगों की मौत के बाद वन अधिकारियों ने 13 शेरों को जंगल से पकड़ कर पिंजरे में बंद कर दिया है.

हालांकि वन अधिकारियों का कहना है कि ऐसे हमले कभी-कभार ही देखने में आते हैं.

गुजरात के मुख्य वन संरक्षक जेए खान के मुताबिक इन शेरों को अभ्यारण्य के पूर्वी हिस्से से पकड़ा गया.

उन्होंने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, "जिन शेरों ने लोगों पर हमला किया है, उनकी जांच की जाएगी. बाकी शेरों को बाद में जंगल में छोड़ दिया जाएगा."

शेरों के मल में मनुष्यों के ऊतकों को तलाश कर ये पता लगाया जाएगा कि किन शेरों ने शिकार किया है.

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शेरों ने बीते शुक्रवार को आम के बगीचे के पास बने अपने घर के बाहर सो रहे एक 14 साल के किशोर पर हमला कर दिया था. किशोर को बचाने की कोशिश में उनेके पिता भी जख्मी हो गए थे.

अप्रैल के महीने में शेरों ने खेत में सो रही एक 50 बरस की महिला की जान ले ली थी और एक महीने पहले एक साल 60 साल के व्यक्ति का शिकार किया था.

साल 2000 में एशियाई शेरों को बेहद संकट में घिरी प्रजाति के तौर पर दर्ज किया था. बाद में उनकी संख्या में इजाफे के बाद साल 2008 में शेरों को संकटग्रस्त प्रजाति के तौर पर दर्ज किया गया.

गुजरात के गीर के जंगलों में 500 से ज्यादा शेर हैं.

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