मोदी के भाषण की 10 प्रमुख बातें

  • 26 मई 2016
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकारी डॉक्टरों के रिटायरमेंट की उम्र को बढ़़ाकर 65 साल किया जाएगा.

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भाषण देते हुए मोदी ने कहा कि इसका फ़ैसला अगली कैबिनेट में लिया जाएगा.

उन्होंने डॉक्टरों से अपील की है कि वो हर महीने की नौ तरीख़ को गरीब प्रसूता महिलाओं का फ़्री इलाज़ करें, जांच करें और दवा दें.

उन्होंने कहा कि अगर उनकी अपील पर एक करोड़ लोग सब्सिडी छोड़ सकते हैं तो डाक्टर साल में 12 दिन ग़रीबों का इलाज भी कर सकते हैं.

रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने अपने दो साल के अपने कामों और नीतियों का हिसाब दिया:

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1-पहले भारत के ख़ज़ाने का 65 प्रतिशत केंद्र के पास जबकि 35 प्रतिशत राज्यों को जाता था. मैं राज्यों की पीड़ा जानता था इसलिए हमने इसे उलट दिया है. अब दिल्ली के ख़ज़ाने में 35 प्रतिशत और राज्यों को 65 प्रतिशत देने का निर्णय लिया गया है.

2-हमने ऐसी योजनाओं को हाथ लगाया है जिनसे ग़रीबों के जीवन में सुधार आए. ये देश बदल रहा है लेकिन कुछ लोगों का दिमाग़ नहीं बदल रहा है.

3-जब मैंने इस ज़िम्मेदारी को संभाला तो 14,000 करोड़ रुपया गन्ना किसानों का बक़ाया था. हमने बहुत सा भुगतान कराया. अभी भी सात आठ सौ करोड़ बकाया है. मैं शुगर मिलों को चेतावनी देता हूँ, आपने इतने सालों जो किसानों के साथ किया है वो अब नहीं करने दिया जाएगा.

4-2022 में जब देश की आजादी के 75 साल पूरे होंगे. हमने ऐसी नीति बनाई है कि उस समय तक हमारे किसानों की आय दो गुना हो जाए. ये सिर्फ नारा नहीं है. करोड़ों किसानों को हमने स्वायल हेल्थ कार्ड देने का अभियान चलाया है.

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5-प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के रूप में हमने एक बड़ा सपना देखा है. अगर किसानों को पानी मिले तो वो खेतों से सोना उगा सकते हैं. एक एक ज़िले में कैसे पानी पहुंचे, इस बार हमने इसकी बड़ी योजना बनाई है. हमारी नीति है कि खेत का पानी खेत में रहे, गांव का पानी गांव में रहे.

हमारी सरकार ने आपदा के समय किसानों को मुआवज़ा देने का नियम बदल दिया. अगर एक तिहाई भी नुक़सान होगा तो भी किसान को मुआवज़ा मिलेगा.

हमने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत की है. अगर किसान प्राकृतिक आपदा के कारण बुवाई भी नहीं कर पाता है तो भी उसे मुआवज़ा मिलेगा.

6-दो साल पहले आए दिन भ्रष्टाचार की चर्चा हुआ करती थी. जब सरकार में बैठा हूँ तो मैं चौंक जाता हूँ कि इस देश का कितना धन लूट लिया गया. दो साल में क्या आपने सुना कि मोदी सरकार ने एक भी रुपया खाया है.

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7-पहले गैस का सिलेंडर और चूल्हा अमीरों की बात बना दी गई थी, लेकिन मैंने रसोई गैस की सब्सिड़ी छोड़ने की अपील की थी और एक करोड़ से ज़्यादा लोगों ने ये किया. पिछले साल हमने तीन करोड़ कनेक्शन दिए और अगले तीन सालों में पांच करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन दे दिया जाएगा.

नारी सशक्तिकरण का इतना बड़ा काम भारत के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने किया है.

हमने बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया है. हर योजना जातियों, सम्प्रदाय, वोट बैंक से जोड़ दी जाए. मेरे लिए सवा सौ करोड़ देश के लोग ही मेरे परिवार हैं. मैं जो कुछ भी करता हूँ वो सबके लिए करता हूँ. मेरे लिए न जात है न पांत है न पंथ है न सम्प्रदाय है.

8-इस सरकार में पिछली सरकार के मुक़ाबले डबल रोड बनते हैं. हिंदुस्तान में हर गांव को रोड से जोड़ने का लक्ष्य है.

हमने तय किया था कि 1000 दिन में 18,000 गांवों तक बिजली पहुंचाएंगे, लेकिन दो सालों में 7000 गांवों में बिजली पहुंच गई है.

मेरा हिसाब लोगों ने मांगना शुरू कर दिया है. मेरे काम पर बहुत बारीकी से नज़र रखी जा रही है. लेकिन ये बुरी बात नहीं.

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9-हम प्रधानमंत्री मुद्रा योजना लेकर आए. ताकि छोटे छोटे काम करने वालों को बैंक से पैसा मिल जाए और वो साहूकारों के चंगुल से छूट जाएं.

हम प्रधानमंत्री जनधन योजना ले कर आए और लोगों को रुपये कार्ड दिया जिसके तहत लोगों को दो लाख रुपये का बीमा दिया गया.

10-स्वच्छता का अभियान अमीरों के लिए नहीं है ये ग़रीबों के लिए है. गंदगी से वे ही बीमार होते हैं और दो तीन बीमार हुए तो उनकी आजीविका भी बंद हो जाती है.

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