'कैंप गोहत्या रोकने की ट्रेनिंग देने के लिए'

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अयोध्या में बजरंग दल के कथित 'आत्मरक्षा कैंप' का वीडियो वायरल होने और उस पर मचे हंगामे पर विश्व हिंदू परिषद के नेता अंबरीश सिंह ने कहा है कि इस कैंप का मकसद किसी समुदाय के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था.

विश्व हिंदू परिषद के पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रमुख अंबरीश सिंह ने कहा है कि यह शिविर युवाओं में जोश भरने के लिए आयोजित किया गया था.

वहीं, ऑल इंडिया मिली काउंसिल के वरिष्ठ नेता खालिक़ अहमद ख़ान ने अंबरीश की गिरफ़्तारी की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि यह शिविर साफ तौर पर मुसलमानों को निशाना बनाकर आयोजित किया गया था.

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Image caption अंबरीश सिंह

अंबरीश सिंह ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि शिविर में युवाओं में शौर्य और देश और समाज के लिए काम करने का भाव भरा जाता है.

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविर हर साल सात दिनों के लिए लगाया जाता है और यह दो तरह का होता है, बौद्धिक और शारीरिक.

उन्होंने कहा कि बौद्धिक शिविर में देश-समाज की परिस्थितियां और उसमें सहभागिता की बात होती है, जबकि शारीरिक प्रशिक्षण में मन के अंदर का भय मिटाया जाता है.

यह पूछे जाने पर कि किस तरह का भय मिटाने की कोशिश होती है, अंबरीश कहते हैं कि देश में जो भी समस्याएं हैं उससे निबटने के लिए. जैसे गोहत्या रोकने के लिए.

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उनका कहना है कई बार गो तस्करी रोकने के लिए कार्यकर्ताओं को जाना पड़ता है. शासन को यदि पता नहीं है कि तस्करी हो रही है और ऐसे लोग रास्ते में पकड़े जाएं तो उन्हें प्रशासन के आने तक रोकना पड़ता है.

शिविर में मुस्लिम समुदाय को हमलावर के रूप में दिखाए जाने के लिए कुछ लोगों के टोपी पहनने के विवाद पर उनका दावा है कि किसी ने टोपी नहीं पहनी थी. धूप थी इसलिए कुछ लोगों ने सिर पर कपड़ा रखा था.

अंबरीश का कहना है कि शिविर में प्रशिक्षण चल रहा था कि यदि कोई घुसपैठ कर रहा हो तो उसे कैसे रोकना है? उसके बाद भारत माता की जय के नारे लगाए गए. हमारा किसी के प्रति कोई भाव नहीं है. सरकार चाहे तो इसकी जांच करा ले.

उन्होंने कहा कि भारत माता की जय नहीं बोलने और गर्दन कटाने की बात करने वाले भी इसी देश में हैं, भारत माता को डायन कहने वाले भी यहीं हैं, पर हम उनसे अपनी तुलना नहीं करना चाहते.

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Image caption खालिक अहमद

वहीं, खालिक़ अहमद ख़ान ने दावा किया कि जब इस प्रशिक्षण के बारे में प्रशासन से बात की गई तो बताया गया कि वे ट्रेनिंग दे रहे हैं, चरमपंथियों के ख़िलाफ़ लड़ने का प्रशिक्षण दे रहे हैं.

खालिक ने सवाल किया कि क्या प्रशासन फ़ेल हो गया है? चरमपंथियों से लड़ने में क्या वे सक्षम नहीं हैं?

उन्होंने बताया कि बजरंग दल के लोगों ने खुलकर कहा है कि वो उन लोगों के ख़िलाफ़ हैं जो भारत माता की जय नहीं करते, वंदे मातरम नहीं कहते और बाबरी मस्जिद दोबारा बनाने की बात करते हैं. इससे साफ है कि मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ किया जा रहा है.

खालिक ने सवाल किया कि यदि हम आईएसआई के ख़िलाफ़ लड़ने की बात कहें, पोस्टर लगाकर लोगों को इसमें शामिल होने की बात कहें तो क्या हमें इसकी इजाजत मिलेगी?

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ख़ान का आरोप है कि भाजपा सरकार स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रही, वह संघ की विचारधारा के हिसाब से काम कर रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे पुलिस बल में सांप्रदायिक लोग हैं, सेना में भी इस तरह के तत्व हैं.

उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजी बृजलाल सेवानिवृत होने के बाद भाजपा में शामिल हो गए. कर्नल पुरोहित इसका उदाहरण हैं. ऐसे लोग पहले भाजपा में शामिल होते हैं और भाजपा की विचारधारा बढ़ाते हैं.

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