ममता को लालू के पाले में लाने की कोशिश?

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शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के शपथ ग्रहण समारोह के बाद लालू यादव ने भारतीय जनता पार्टी के ख़िलाफ़ एक बड़े राजनीतिक गठबंधन के संकेत दिए हैं.

शपथ ग्रहण के बाद कोलकाता में लालू प्रसाद यादव ने कहा, "हम बिहार, राजद और महागठबंधन की तरफ से ममता बनर्जी और यहां की जनता को बधाई देते हैं."

उन्होंने कहा, "जो समान विचारधारा वाले धर्मनिरपेक्ष दल हैं उनका मिलकर बीजेपी को, संघ परिवार को दिल्ली की गद्दी से उतारना बेहद लाज़िमी हो गया है. इस बारे में हम सभी लोग बैठकर बात करेंगे."

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने शुक्रवार को लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री का पद संभाला.

इस समारोह में तीन मुख्यमंत्री, बिहार के नीतीश कुमार, उत्तर प्रदेश के अखिलेश यादव और दिल्ली के अरविंद केजरीवाल के अलावा केंद्रीय वित्त मंत्री और बीजेपी नेता अरुण जेटली और बाबुल सुप्रियो शामिल थे.

लालू यादव के बयान को जहां कुछ लोग समाजवादी विचारधारा के दलों और तृणमूल कांग्रेस के बीच गठबंधन के संकेत के तौर पर देख रहे हैं वहीं कुछ का मानना है कि लालू चाहते हैं कि ऐसे किसी क़दम में वो नीतीश से दो पग आगे रहें.

बिहार में नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड और लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल गठबंधन सरकार का मुख्य हिस्सा हैं.

जहां वामपंथी दलों ने समारोह का बॉयकाट किया वहीं पश्चिम बंगाल में विपक्षी पार्टियों के राज्य स्तर के किसी नेता ने इसमें हिस्सा नहीं लिया.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में सफाई देते हुए कहा, "पार्टी की तरफ से अरुण जेटली और बाबुल सुप्रियो गए थे. पांचों राज्यों में जिसने भी हमें बुलाया हम संघीय ढांचे का आदर करते हुए गए."

उन्होंने कहा, "लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हमने बंगाल में संघर्ष छोड़ दिया है. हम वहां डटकर मुक़ाबला करेंगे."

ममता बनर्जी अटल बिहारी वाजपेयी की एनडीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं.

वो एक समय कांग्रेस में थीं और इस बार के चुनाव में कांग्रेस और उनके दल तृणमूल के बीच भी गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही थीं.

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