13 नंबर की कार नहीं लेना चाहता कोई मंत्री

केरल के मुख्यमंत्री की सरकारी कार

लगता है कि केरल की नई लेफ्ट फ़्रंट की सरकार के मंत्री तेरह नंबर के ख़ौफ़ में हैं.

पिनराई विजयन सरकार के 19 मंत्रियों ने 13 नंबर वाली सरकारी कार को लेने से इनकार कर दिया है.

एक नंबर वाली सरकारी कार मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को मिली है. 12 नंबर वाली कार स्थानीय स्वायत्त शासन मंत्री के टी जलील को मिली है. लेकिन नागरिक आपूर्ति मंत्री पी तिलोत्तमन ने 13 नंबर की कार लेने से इनकार कर दिया और 14 नंबर की कार की मांग कर डाली.

बीजेपी नेता के सुरेंद्रन ने इस पर चुटकी ली है और कहा है ये विरोधाभासी बात है कि कम्युनिस्ट मंत्री जो ईश्वर के नाम पर शपथ लेने तक से इनकार करते हैं वे 13 नंबर सरकारी कार लेने से बच रहे हैं.

उन्होंने कहा, "लोगों को ये पूछने का अधिकार है कि समाजवाद को अपना आदर्श मानने वाले सीपीएम और सीपीआई नेता आख़िर तेरह नंबर से क्यों बच रहे हैं. सीताराम येचुरी और प्रकाश करात जैसे राष्ट्रीय नेताओं को इसका जवाब देना चाहिए."

एक अंग्रेज़ी अख़बार ने सरकारी प्रोटोकॉल अधिकारी ए के मुस्तफ़ा के हवाले से लिखा है कारों का नंबर आवंटन मंत्रियों के नंबर चयन के आधार पर हुआ है लेकिन 13 नंबर की कार को लेने के लिए कोई मंत्री तैयार नहीं है.

हालांकि इससे पहले सीपीएम के वरिष्ठ नेता एम के बेबी ऐसे नेता थे जिन्होंने संस्कृति मंत्री रहते 13 नंबर की कार स्वीकार की थी.

एम ए बेबी ने कहा, "ये पता लगने पर कि सरकारी सूची में 13 नंबर की कार ग़ायब है तब मैंने 2006 में एक याचिका दायर की. हमारी जीत हुई और फिर मुझे 13 नंबर की कार आवंटित की गई. ये निजी रुचि का मामला है इसमें अंधविश्वास जैसी कोई बात नहीं. मुझे इस नंबर से कोई परेशानी नहीं थी इसीलिए मैंने इसे चुना. वर्तमान मंत्रियों के अपने पसंदीदा नंबर हैं और उन्होंने उनका चुनाव किया है."

एम ए बेबी ने ये भी बताया कि यूडीएफ़ सरकार के मंत्रियों ने रहस्यपूर्ण नंबरों से भी परहेज़ किया था.

राज्य के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉम्पसन को भी 13 नंबर की सरकारी कार अलॉट की गई थी.

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