मणिपुरः 73 स्कूल के सारे बच्चे 10वीं फेल

  • 30 मई 2016
सरकारी स्कूल

दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में कुछ छात्रों का पास तो कुछ का फ़ेल होना आम बात है लेकिन जब किसी स्कूल के सभी बच्चे फेल हो जाएं तो ख़बर है.

लेकिन जब 73 स्कूलों के सभी छात्र बोर्ड परीक्षा पास न कर सकें तो बात गंभीर हो जाती है.

मणिपुर सरकार इस बात की जांच कर रही है कि राज्य के 73 सरकारी स्कूलों में दसवीं के छात्रों में से एक भी क्यों परीक्षा में पास क्यों नहीं हुआ.

इसके अलावा मणिपुर में 28 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जिनमें केवल एक छात्र पास हो पाया है.

हाल में आए नतीजों से पता चलता है कि 323 सरकारी हाइ स्कूलों में सिर्फ़ 42 फ़ीसदी छात्र ही परीक्षा में सफल रहे.

उत्तर पूर्वी राज्यों में बोर्ड परीक्षा में इस तरह के नतीजे कोई नई बात नहीं है.

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पिछले साल 70 स्कूलों में एक भी छात्र परीक्षा में पास नहीं हो सका था.

इससे पहले 2014 में ऐसे स्कूलों की संख्या 48 थी तो 2013 में 28 थी.

मणिपुर में स्कूली शिक्षा विभाग के निदेशक प्रवीण सिंह ने बीबीसी से कहा, "हमें स्वीकार करना होगा कि इसके लिए शिक्षक ज़िम्मेदार हैं. निजी स्कूलों के शिक्षकों के मुकाबले इन्हें तीन गुना तन्ख़्वाह मिलती है लेकिन उनका ये प्रदर्शन है."

उन्होंने कहा, "हाल ही में प्राथमिक स्कूलों को हाईस्कूलों में तब्दील किया गया. अभी सही ढांचे बनना बाकी है. ये भी इन नतीजों का एक कारण है."

प्रवीण सिंह के मुताबिक ये बच्चे ग़रीब परिवारों से हैं और परिवार से इन्हें पढ़ाई में कोई मदद नहीं मिलती.

दसवीं की परीक्षा के ख़राब नतीजों के बाद स्कूली शिक्षा विभाग ने पाठ्यक्रम में बदलाव करने का भरोसा दिया है.

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