'वाड्रा का लंदन कनेक्शन' और विवादित वीडियो

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने ख़बर छापी है कि हथियारों के डीलर संजय भंडारी के सौदों की छानबीन के दौरान आयकर विभाग को भंडारी और सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के बीच कथित संबंध का पता चला है.

अख़बार के मुताबिक़ भंडारी और रॉबर्ट वाड्रा के बीच हुई ई-मेल से लंदन में एक घर के मालिकाना हक़ को लेकर संकेत मिलता है.

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अख़बार में ये ख़बर भी छपी है कि राज़धानी दिल्ली में बिजली जाने की स्थिति में अगर एक तय समय के बाद दोबारा बिजली नहीं आती है तो बिजली वितरण कंपनियां को उपभोक्ताओं को हरजाना देना होगा.

दिल्ली की पावर रेगुलेटर डीईआरसी ने ये फ़ैसला लिया है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया ये भी छापता है कि दिल्ली में छह अफ्रीकी नागरिकों ने एक ओला कैब ड्राइवर की पिटाई की क्योंकि उसने उनको टैक्सी में बैठाने से इनकार कर दिया था.

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हिंदुस्तान टाइम्स ने ख़बर छापी है कि राज़धानी दिल्ली में बीते दिनों अफ़्रीकियों पर हुए हमले के बाद सरकार इस समस्या से निपटने के लिए हरकत में आ गई है.

वहीं अख़बार ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के इस बयान को भी प्रमुखता से छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत और अफ़्रीका के बीच दोस्ती का पुराना इतिहास रहा है.

अख़बार ने स्टैंडअप कॉमेडियन तन्मय भट्ट के उस वीडियो का ज़िक्र किया है जिसमें वो लता मंगेशकर और सचिन तेंदुलकर का मज़ाक उड़ा रहे हैं.

अख़बार ने छापा है कि मुंबई पुलिस इस वीडियो को ब्लॉक कराने की कोशिशों के तहत गूगल, यूट्यूब और फ़ेसबुक के संपर्क में है.

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इंडियन एक्सप्रेस ने छापा है हरियाणा सरकार ने जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है और इस रिपोर्ट में पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को इस समस्या के लिए ज़िम्मेदार ठहराया गया है.

आरक्षण की मांग कर रहे जाटों ने आंदोलन के दौरान बड़े पैमाने पर तोड़ फोड़ की थी और इस दौरान महिलाओं के साथ बदसलूकी की भी कई ख़बरें आई थीं.

अख़बार लिखता है कि प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक़ राज्य के पुलिस महानिदेशक इस समस्या से निपटने में पूरी तरह विफल रहे और अतिरिक्त मुख्य सचिन (गृह) ने अधिकारियों को इस संबंध में कोई निर्देश ही नहीं दिए.

इंडियन एक्सप्रेस ने ये ख़बर भी छापी है कि मध्य प्रदेश सरकार ने आईएएस अधिकारी अजय सिंह गंगवार को अपने एक फ़ेसबुक पोस्ट का स्पष्टीकरण देने को कहा है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की आलोचना की थी.

फ़ेसबुक पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तारीफ़ के बाद अजय सिंह गंगवार का ट्रांसफ़र कर दिया गया था.

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