अमित शाह ने 'दलित’ के घर किया भोजन

  • 31 मई 2016
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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को वाराणसी के सेवापुरी जोगियापुर गांव के निषाद बस्ती में स्थानीय लोगों के साथ खाना खाया.

इसके बाद वे इलाहाबाद में किसान रैली को संबोधित करने के लिए रवाना हुए.

अमित शाह जोगियापुर गांव के निषाद बस्ती के गिरिजा प्रसाद बिंद के घर पर आयोजित ‘समरसता भोज’ में शामिल हुए थे.

बताया जा रहा है कि अमित शाह ने दलित के घर पर भोजन किया है, लेकिन उत्तर प्रदेश में बिंद समुदाय अन्य पिछड़ा वर्ग में आता है, इसलिए बीजेपी के इस कृत्य पर सवाल भी उठ रहे हैं.

बीजेपी की इस कवायद को उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले दलित और पिछड़ा वर्गों को खुश करने के तौर पर देखा जा रहा है.

गिरिजा प्रसाद बिंद के घर पर अमित शाह को देसी थाली परोसी गई जिसमें चावल-दाल के अलावा कटहल और तुरई की सब्जी, रोटी, लौकी का कोफ्ता, मट्ठा और सलाद परोसा गया.

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अमित शाह ने अपने साथियों के साथ ज़मीन पर बैठकर भोजन किया.

अमित शाह के दौरे से पहले बीजेपी के नेता और विधान पार्षद लक्ष्मण आचार्य ने इस गांव का दौरा किया. उन्होंने उस रसोई का भी जायजा लिया जहां भोजन पकाया जा रहा था.

इलाहाबाद में अमित शाह की रैली को 'सरदार पटेल किसान महासम्मेलन' का नाम दिया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि दरअसल यह रैली इलाके के पटेल समुदाय से जुड़े कुछ नेताओं के भाजपा में शामिल कराने के मक़सद से आयोजित की गई है.

पटेल समुदाय के जो नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं उनमें बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक प्रवीण पटेल शामिल हैं. इलाहाबाद के आस-पास के ज़िलों में पटेल समुदाय के लोग बड़ी संख्या में हैं और चुनावों में अहम भूमिका निभाते हैं.

कभी कांग्रेस का समर्थक रहा यह समुदाय पिछले कुछ समय से बहुजन समाज पार्टी के वोट बैंक के रूप में जाना जाता रहा है.

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