गुलबर्ग हत्याकांड: 24 लोग दोषी ठहराए गए

गुलबर्ग सोसाइटी की पीड़ित. इमेज कॉपीरइट AP

गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड में अहमदाबाद की एक विशेष अदालत ने 24 लोगों को दोषी ठहराया है.

जिन्हें दोषी पाया गया है उनमें विश्व हिंदू परिषद के नेता अतुल वैद्य और कांग्रेस के पूर्व पार्षद मेघजी चौधरी शामिल हैं.

इस विशेष अदालत के न्यायाधीश पीवी देसाई ने गुरुवार को फ़ैसला सुनाते हुए 36 लोगों को आरोपों से बरी कर दिया.

जिन अभियुक्तों को इस मामले में दोषी ठहराया गया है, उनमें से 11 को दफ़ा 302 के तहत दोषी पाया गया है.

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विशेष अदालत ने अभियुक्तों पर लगाई गई आपराधिक षड्यंत्र की धारा 120 (बी) को हटा लिया. अदालत इस मामले में छह जून को सजा सुनाएगी.

इस मामले में गुजरात पुलिस के इंसपेक्टर केजी अरदा और भाजपा पार्षद विपिन पटेल को भी अभियुक्त बनाया गया था. लेकिन अदालत ने दोनों को निर्दोष मानते हुए आरोपों से बरी कर दिया.

विशेष अदालत का फ़ैसला आने के बाद हमले में मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी ने कहा कि वो फ़ैसले से ख़ुश नहीं हैं.

अहमदाबाद के गुलबर्ग हाउसिंग सोसाइटी में घुसकर 28 फ़रवरी 2002 को एक उत्तेजित भीड़ ने 69 लोगों की हत्या कर दी थी. मृतकों में कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी भी शामिल थे.

यह घटना गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में हुई कथित आगजनी के बाद हुई थी. साबरमती एक्सप्रेस में लगी आग में 59 कारसेवक मारे गए थे.

इस मामले में 66 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था. मुक़दमे के दौरान इनमें से चार लोगों की मौत हो गई.

गुलबर्ग हाउसिंग सोसाइटी का मुक़दमा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चला. गुजरात दंगों से संबंधित नौ और मुक़दमे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुए हैं.

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