सोना लूट कांड: आराम से शौच के लिए बेल

  • 3 जून 2016
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आइज़ोल की एक स्थानीय अदालत ने असम राइफ़ल्स से बर्खास्त कमांडेंट जसजीत सिंह को अंतरिम जमानत दे दी हैं.

असम राइफ़ल की 39वें बटालियन में उस समय तैनात कमांडेंट कर्नल सिंह को आइज़ोल जिला एवं सेशन कोर्ट की न्यायाधीश लुसी लालरीनथारी ने 'स्वास्थ्य कारणों' को ध्यान में रखते हुए 60 दिन की अंतरिम जमानत दी है.

कर्नल सिंह को स्वास्थ संबंधी दिक्क़तों की वजह से जेल में मौजूद भारतीय शैली के कमोड के इस्तेमाल में काफी परेशानी हो रही थी.

कर्नल सिंह के वकील ने अदालत को बताया कि सियाचिन ग्लेशियर में ड्यूटी के दौरान वह एक लड़ाई में घायल हो गए थे.

उनकी रीढ़ की हड्डी में आई चोट के कारण उनके जिस्म के कुछ हिस्से 40 प्रतिशत ही तक सक्षम हैं और उन्हें लगातार फिजियोथैरेपी की ज़रूरत है जो जेल के अंदर संभव नहीं है.

कर्नल ने अदालत में शिकायत की थी कि जेल के बाथरूम में कोई यूरोपीय शैली का कमोड नहीं है और वह पीठ में फ्रैक्चर की वजह से भारतीय कमोड का प्रयोग नहीं कर पा रहें है.

अदालत ने कर्नल को 10 लाख रुपये की राशि पर ज़मानत दी है और साथ ही यह निर्देश दिया है कि वह ज़मानत के दौरान आइजोल से बाहर नहीं जा सकेंगे.

कर्नल को धारा 395, 412, 120 बी और 506 के तहत गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने अपनी प्रारंभिक पूछताछ के बाद 18 मई को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

आरोपों के अनुसार कर्नल सिंह के निर्देश पर उनके जवानों ने बंदूक़ की नोक पर क़रीब 14 करोड़ 50 लाख रुपए का सोना आइज़ोल-लुंगलेई हाइवे पर लूटा और वहां से फ़रार हो गए.

सोना तस्करों के साथ कथिक तौर पर मुख्य रूप से काम कर रहे एक पूर्व छात्र नेता एवं ट्रांसपोर्टर लालमुआनावमा माथीपी और व्यापारी बुलाकी चदं बैद्य को स्वास्थ्य के आधार पर पहले ही ज़मानत पर रिहा कर दिया गया हैं.

एक नागरिक और नौ असम राइफ्लस जवान आइजोल जिला जेल में बंद हैं.

असम राइफ़ल्स को मिज़ोरम से सटी म्यांमार की अंतरर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा संभालने की ज़िम्मेदारी सौंप रखी है.

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