मैं तो काम कर रही हूं, मुझ पर निशाना क्यों: हेमा

हेमा मालिनी

अभिनेत्री और मथुरा से बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने अपने संसदीय क्षेत्र में हुई हिंसा के लिए राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि सांसद का काम 'पुलिस बल का नेतृत्व' करना नहीं है.

मथुरा के जवाहर बाग में हुई हिंसा के बाद सांसद हेमा मालिनी के कुछ ट्वीट्स को लेकर विवाद हो गया था. जिस वक्त मथुरा में तनाव फैला था, उस वक़्त हेमा मालिनी ने अपनी एक फिल्म की शूटिंग को लेकर कथित तौर पर ट्वीट किए थे. बाद में उन्होंने ट्वीट हटा लिए.

मथुरा के जवाहर बाग में पुलिस और उपद्रवियों के बीच हुए संघर्ष में दो पुलिस अधिकारियों समेत 24 लोगों की मौत हो गई थी.

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विवाद शुरू होने के बाद मथुरा पहुंचीं हेमा मालिनी ने उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार के साथ मीडिया पर भी निशाना साधा.

हेमा मालिनी ने ट्विटर पर लिखा, "मैं मथुरा में हूं. मृतकों के परिजन के प्रति शोक जाहिर किया. मैं अब तक नहीं समझ सकी हूं कि किस तरह महान मीडिया सोचता है कि सांसद क़ानून और व्यवस्था के लिए ज़िम्मेदार है."

हेमा मालिनी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए. उन्होंने दावा किया कि सासंद के तौर पर वो अपना काम बख़ूबी कर रही हैं.

हेमा ने ट्विटर पर लिखा, "वो मुख्य मुद्दे से ध्यान भटका रहे हैं. क़ानून और व्यवस्था पूरी तरह से राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है. मुझे क्यों निशाना बनाया जा रहा है? मैं अपना काम कर रही हूं."

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हेमा मालिनी ने ये भी कहा कि वो अपने कर्तव्य का सही तरह से पालन कर रही हैं.

बीजेपी सांसद ने ये दावा भी किया कि वो मथुरा को इतना वक़्त दे रही हैं कि उन्हें अपने परिवार को देखे हुए भी कई दिन बीत जाते हैं.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "एक सांसद का कर्तव्य पुलिस बल का नेतृत्व करना या विद्रोहियों को क़ाबू करना या अतिक्रमण हटाना नहीं होता. विकास मेरा कर्तव्य है और मैं अपने काम को लेकर ईमानदार हूं."

हेमा मालिनी ने मथुरा के संघर्ष में मारे गए एसपी सिटी के परिजन से मुलाक़ात की और अस्पताल जाकर घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल भी जाना.

उन्होंने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं.

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