'अख़लाक़ के परिवार पर गोहत्या का मामला दर्ज हो'

  • 6 जून 2016
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उत्तर प्रदेश में दादरी के बिसाहड़ा गाँव में सोमवार को हुई बैठक में ग्रामीणों ने सरकार से मोहम्मद अख़लाक़ के परिजनों के ख़िलाफ़ 20 दिनों के भीतर गोहत्या का मुक़दमा दर्ज कराने की मांग की.

ग्रामीणों ने कहा कि मथुरा की प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर मोहम्मद अखलाक़ के परिजनों के ख़िलाफ़ गोहत्या का मामला दर्ज किया जाए.

पिछले साल गोमांस रखने के संदेह में एक उग्र भीड़ ने बिसाहड़ा गाँव में मोहम्मद अखलाक़ के घर हमला कर दिया था. हमले में मोहम्मद अखलाक़ की मौत हो गई थी जबकि उनका छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था.

पिछले दिनों आई प्रयोगशाला की रिपोर्ट के बाद ग्रामीणों ने कथित तौर पर 100 से अधिक गावों की 'महापंचायत' बुलाई थी, हालाँकि प्रशासन का कहना है कि कोई महापंचायत नहीं हुई, बल्कि सिर्फ बैठक बुलाई गई थी.

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Image caption मोहम्मद अख़लाक़ (फ़ाइल फोटो)

निषेधाज्ञा के बावजूद बिसाहड़ा के ग्रामीणों ने स्थानीय मंदिर में बैठक का आयोजन किया, जिसमें मुख्यतः मोहम्मद अखलाक़ की हत्या के सिलसिले में गिरफ़्तार किए गए लोगों के परिजनों के अलावा कुछ स्थानीय लोग भी थे.

घटना के सिलसिले में एक स्थानीय नेता के बेटे सहित कुल 18 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

पहले आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अखलाक़ के घर के फ्रिज से बरामद मांस बकरे का था, जबकि हाल ही में अभियुक्तों के वकील मथुरा की प्रयोगशाला की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि जो मांस सड़क पर मोहम्मद अखलाक़ के शव के पास से बरामद हुआ था वो 'बीफ़' था.

दादरी के एसडीएम राजेश कुमार सिंह ने बीबीसी को बताया कि पूरे इलाक़े में निषेधाज्ञा जारी है और सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है. उनका कहना है कि चूंकि बैठक मंदिर के प्रांगण में थी इसलिए परिसर के अंदर निषेधाज्ञा लागू नहीं की जा सकती थी.

बैठक में मुख्यतौर पर मोहम्मद अखलाक़ के परिवारवालों पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग के साथ-साथ परिवार को दिया गया मुआवजा वापस लेने की मांग भी की गई.

इस बीच, मथुरा की प्रयोगशाला की रिपोर्ट के बाद से मामले में राजनीति भी गर्मा गई है.

रिपोर्ट आने के बाद अपने मुज़फ़्फ़रनगर स्थित आवास पर आयोजित एक जनता दरबार के दौरान केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान ने कहा था कि जब रिपोर्ट में कहा गया है कि 'गोमांस' था तो पूरे मामले की ठीक से जांच होनी चाहिए. उनका कहना था कि अगर वो 'गोमांस' था तो इसका मतलब है कि गोहत्या की गई.

एक अंग्रेजी दैनिक में उनके हवाले से कहा था, "अगर काटा गया तो बांटा भी गया होगा".

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