'साध्वी प्राची के खिलाफ़ कार्रवाई क्यों नहीं'

  • 8 जून 2016
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अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाली और विश्व हिंदू परिषद की नेता के रूप में चर्चित साध्वी प्राची ने कहा है कि अब वक्त आ गया है कि भारत को मुसलमान मुक्त किया जाए.

समाचार एजेंसी पीटीआई की एक ख़बर के मुताबिक़ उन्होंने कहा कि देश को कांग्रेस मुक्त बनाने का मिशन पूरा हो चुका है और अब देश को मुसलमान मुक्त बनाने का समय है.

हालांकि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने साध्वी के इस बयान से पल्ला झाड़ते हए कहा है कि संगठन नहीं चाहता कि मुसलमानों को भारत से निकाल दिया जाए.

संगठन का कहना है कि साध्वी प्राची का उससे कोई संबंध नहीं है.

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संगठन के महासचिव सुरेंद्र जैन ने बीबीसी से कहा, ''वो चुनाव लड़ चुकी हैं. हमारे संविधान में लिखा है कि हमारा कोई भी पदाधिकारी चुनाव नहीं लड़ सकता.''

विहिप नेता ने कहा, ''हम नहीं चाहते कि मुसलमानों को निकाल दिया जाए. ये संभव भी नहीं है. हमारी सोच है कि भारत हमेशा से सबके लिए रहा है. मुसलमान पहले यहां व्यापारी के तौर पर आए थे. हमने ही उन्हें पहली मस्जिद बनाकर दी थी. हमारा देश के मुसलमानों से झगड़ा नहीं है. हमारा झगड़ा उन लोगों की मानसिकता से है जो कोई भी बात होगी तो पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाएंगे, या पाकिस्तान का झंडा फ़हराएंगे. हमारा झगड़ा उस मानसिकता से है, व्यक्तियों से नहीं.''

भाजपा ने भी साध्वी के इस बयान से किनारा कर लिया है. ख़बरों के मुताबिक़ भाजपा प्रमुख अमित शाह ने कहा है कि पार्टी साध्वी प्राची के विवादास्पद बयानों का समर्थन नहीं करती और पार्टी का एकमात्र एजेंडा विकास है.

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पीटीआई के मुताबिक़ साध्वी प्राची ने यह बयान उत्तराखंड के रूड़की में दिया. जहां ख़ानपुर के भाजपा विधायक कुंवर सिंह चैंपियन के घर पर एक समुदाय विशेष के लोगों ने हमला कर दिया था. साध्वी ने हमले को पूर्वनियोजित बताया.

साध्वी प्राची के इस विवादास्पद बयान पर सोशल मीडिया पर लोग बहस कर रहे हैं.

वरिष्ठ पत्रकार ओम थान्वी ने ट्वीट किया, "मुस्लिम-मुक्त भारत. फिर ईसाई-मुक्त भारत. फिर सिनेमा-मुक्त, साहित्य-मुक्त, कला-मुक्त भारत. अंततः भारत-मुक्त भारत. यही है अंतिम भगवा लक्ष्य."

ख़ान युसुफ़ ने ट्विटर पर लिखा, ''क्यों केंद्र और राज्य सरकारें साध्वी प्राची के खिलाफ़ कार्रवाई नहीं कर रही हैं.

स्वप्निल लिखते हैं, ''वो अपने बोलने की आज़ादी के अधिकार का इस्तेमाल कर रही हैं. अगर आपको पसंद नहीं है, तो मत सुनिए.''

पत्रकार रूपा सुब्रमण्यम लिखती हैं, ''मौका आ गया है कि भारत को साध्वी प्राची/विहिप से मुक्त किया जाए. मोदी ने उन्हें गुजरात में अप्रासंगिक बना दिया था. अगला कदम: देशव्यापी.''

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फ़ारूख लिखते हैं, ''साध्वी प्राची हुईं मुक्त और अनुराग कश्यप की फ़िल्म उड़ता पंजाब पर प्रतिबंध.''

मुज़म्मिल मलिक ने ट्विटर पर लिखा, ''साध्वी प्राची ने जो कहा वो उनका अपना विचार है. मैं सिर्फ़ इतना कहूंगा, कहीं नफ़रत की आग में खुद न जल जाओ.''

समरीन लिखती हैं, ''साध्वी प्राची अपने एक हास्यास्पद टिप्पणी के लिए क्यों ट्रेंड कर रही हैं? वो बोलती हैं क्योंकि हम सुनते हैं. (उनको) सुनना बंद करें.''

जस भोगल ने ट्विटर पर लिखा, ''साध्वी प्राची ने भारत के बारे में अपनी काल्पनिक सोच को दर्शाया है. भारत जैसे सेक्युलर देश में जहां अल्पसंख्यकों के लिए सहिष्णुता रही है, ऐसा कभी नहीं होगा.''

कुछ लोगों ने ट्विटर साध्वी प्राची को भारत का डॉनल्ड ट्रंप बताया है.

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