छात्रों को जलाने के मामले में शिक्षिका गिरफ्तार

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तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले के एक स्कूल में एक शिक्षिका को छात्रों को कपूर से जलाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. उन्हें स्कूल से भी निलंबित कर दिया गया है.

शुरू में शिक्षिका ने खुद माना था कि उन्होंने बच्चों को बेहतर इंसान बनाने के लिए सजा दी लेकिन जब गांव के लोग घटना का विरोध करने लगे तो वे इस आरोप से मुकर गईं.

दरअसल चेन्नई से 200 किलोमीटर दूर विल्लुपुरम जिले के पाली ग्राम पंचायत स्कूल में 40 साल की वैजयंतीमाला ने गुरुवार को चौथी और पांचवीं कक्षा के 13 बच्चों को बुलाया.

उन्होंने उनमें से 8 बच्चों को कपूर से पांव जलाने की सजा दी ताकि वे अनुशासन में रहना सीखें. बच्चों की उम्र 8 साल से 11 साल के बीच है.

सजा देने के बाद शिक्षिका ने बच्चों को धमकी दी कि वे इसके बारे में अपने माता-पिता से कुछ न कहें.

बच्चों के घर लौटने पर उनके माता पिता ने जब जले हुए पांव देखें तब बच्चों ने पूरी बात बताई.

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शुक्रवार की सुबह बच्चों के माता-पिता गुस्से में स्कूल पहुंचे और घटना के बारे में पूछताछ की.

स्कूल के पास 200 से अधिक लोग इकट्ठे हुए और उन्होंने शिक्षिका के खिलाफ नारे लगाए. इन लोगों ने सड़क पर जाम भी लगाया.

जब विरोध प्रदर्शन उग्र रूप लेने लगा तो पुलिस आ गई और माता-पिता को शांत करने की कोशिश करने लगी.

घायल छात्रों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा दिया गया.

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घटना की शुरुआती जांच करने वाले मुख्य शिक्षा अधिकारी एस मार्स ने शिक्षिका को तुरंत निलंबित करने के आदेश दे दिए.

उन्होंने बताया, "शिक्षिका ने 8 बच्चों के पैरों को कपूर से जलाने की सजा दी थी. सभी को प्राथमिक चिकित्सा के बाद घर भेज दिया गया है. प्राथमिक पूछताछ में आरोप सही लगने के बाद हमने शिक्षिका को निलंबित कर दिया है.''

एक बच्चे के परिवार की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद शिक्षिका को गिरफ्तार कर कुड्डालोर जेल भेज दिया गया है.

स्कूल में केवल दो शिक्षक है. वैजयंतीमाला सहायक शिक्षिका हैं और पिछले 12 साल से स्कूल में पढ़ा रही हैं.

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