अपहरण मामले में बिहार के सांसद हिरासत में

  • 14 जून 2016
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बिहार की वैशाली लोकसभा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद रामा किशोर सिंह को अपहरण के एक मामले में छत्तीसगढ़ की एक अदालत ने 11 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रामा किशोर सिंह ने पिछले मंगलवार को छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले की एक स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण किया था. जहां उन्हें सात दिनों तक पुलिस रिमांड में पूछताछ के लिए भेजा गया था. जिसकी अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को उन्हें जेल भेज दिया गया.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया,"हमने अदालत से रामा सिंह के नार्को टेस्ट की मांग की थी, जिस पर 17 जून को सुनवाई होगी."

छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले के कुम्हारी इलाक़े में 29 मार्च 2001 को पेट्रोल पंप व्यवसायी जयचंद बैद का अपहरण हुआ था. अपहरणकर्ता जयचंद बैद को उनकी कार के साथ ले गए थे. डेढ़ महीने बाद बड़ी मुश्किल से जयचंद वैद की रिहाई संभव हो पाई थी.

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पुलिस का आरोप है कि अपहरण में जिस कार का इस्तेमाल किया गया था, वह रामा किशोर सिंह के घर से ही बरामद हुई थी. इस अपहरण के समय रामा किशोर सिंह बिहार के महनार इलाक़े के विधायक थे.

तब इस मामले में पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ़्तार किया था. एक आरोपी उपेंद्र सिंह ऊर्फ़ कबरा को 6 फ़रवरी 2013 जब पुलिस एक पेशी के बाद जनशताब्दी एक्सप्रेस में दुर्ग से रायपुर ले कर जा रही थी, उस समय उपेंद्र और उसके साथियों ने ट्रेन को 'हाईजैक' कर लिया था और उपेंद्र फ़रार हो गया था. बाद में मार्च 2013 में उपेंद्र को झारखंड के धनबाद से गिरफ़्तार किया गया.

छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस मामले में उपेंद्र सिंह ऊर्फ़ कबरा और लोजपा सांसद रामा किशोर सिंह समेत 13 लोगों को इस मामले में अभियुक्त बनाया था, जिसमें से 10 लोगों को विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई जा चुकी है.

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रामा किशोर सिंह ने इन आरोपों को ग़लत बता कर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें छत्तीसगढ़ की अदालत में आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए थे.

पिछले चुनाव में रामा किशोर सिंह ने राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह को वैशाली लोकसभा सीट से हराया था और रघुवंश प्रसाद सिंह ने जयचंद वैद अपहरण कांड को ही आधार बना कर पटना हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है.

रघुवंश प्रसाद सिंह का आरोप है कि चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र में रामा किशोर सिंह ने वैद अपहरण कांड से संबंधित जानकारी नहीं दी है, इसलिए लोकसभा की उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए.

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