केजरीवाल सरकार ने अनिल अंबानी को तलब किया

  • 14 जून 2016
अरविंद केजरीवाल और अनिल अंबानी इमेज कॉपीरइट EPA AFP

दिल्ली बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी ने रिलायंस एडीए ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को कड़ी चेतावनी देते हुए तलब किया है.

दिल्ली सरकार के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने अनिल अंबानी को चिट्ठी लिखकर अगले हफ़्ते मीटिंग के लिए बुलाया है.

आम आदमी पार्टी के ट्विटर हैंडल पर पोस्ट की गई इस चिठ्ठी में दिल्ली में बिजली आपूर्ति की बिगड़ती स्थिति और सरकार की पिछली चेतावनियों का ज़िक्र भी किया गया है.

ऊर्जा मंत्री ने लिखा है, "हो सकता है कि पूर्व की सरकारों के साथ आपके अच्छे संबंध रहे हों लेकिन वर्तमान सरकार जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है."

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उन्होंने चेतावनी दी है, "दिल्ली की वर्तमान सरकार कड़ी कार्रवाई करने में हिचकेगी नहीं."

बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस, रिलायंस एडीए ग्रुप के अंतर्गत आती है.

चिट्ठी के अनुसार, 14 साल पहले 2002 में दिल्ली के दो तिहाई बिजली वितरण का ठेका इस कंपनी को दिया गया था और उस समय कंपनी ने वादा किया था कि वो बिजली की दरों में कमी लाएगी और विश्वस्तरीय बिजली वितरण व्यवस्था का बंदोबस्त करेगी.

चिट्ठी में लिखा है, "आप ऐसा करने में असफल रहे. कैग की रिपोर्ट में भी आर्थिक अनियमितता का ज़िक्र किया गया है. ये भी आरोप लगे हैं कि कंपनी अपने आर्थिक संसाधनों को दूसरी कंपनियों में स्थानांतरित कर रही है."

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दिल्ली के ऊर्जा मंत्री ने कहा है कि कंपनियों के अधिकारियों को लगातार चेतावनी दी गई लेकिन उन्होंने या तो इसे नज़रअंदाज़ किया या वो इन गड़बड़ियों को दुरुस्त करने के काबिल ही नहीं हैं.

असल में सस्ती बिजली की दरों को लेकर 'आप' के नेता अरविंद केजरीवाल सत्ता में आए थे. उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की सरकार के साथ बिजली वितरण कंपनियों की साठगांठ का आरोप भी लगाया था.

जब वो मुख्यमंत्री बने, तो बिजली के एक हद तक इस्तेमाल पर, उन्होंने दरें लगभग आधी कर दीं. लेकिन तबसे सब्सिडी बिजली कंपनियों के खाते में जा रही है.

इसे विपक्षी पार्टियां कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने मुद्दा बनाने की कोशिश भी की है.

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