ऑनर किलिंग ग़ैर इस्लामी: पाक संवैधानिक संस्था

  • 14 जून 2016
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पाकिस्तान में धार्मिक मामलों से जुड़ी एक संवैधानिक संस्था ने इज़्ज़त के नाम पर होने वाली हत्याओं को ग़ैर इस्लामी और ग़ैर क़ानूनी क़रार दिया है.

ये काउंसिल समाज और कानून से जुड़े धार्मिक पहुलओं पर पाकिस्तान सरकार को सलाह देती है और इसे पाकिस्तान में काफी महत्व दिया जाता है.

इस्लामी नज़रियाती काउंसिल ने अपने एक बयान में कहा कि ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति को निर्दोष या दोषी साबित करने का अधिकार अदालतों को है.

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पिछले हफ़्ते लाहौर में एक मां ने अपनी बेटी को कथित तौर पर इसलिए ज़िंदा जला दिया था कि उसने अपनी मर्ज़ी से शादी कर ली थी.

इस मामले को लेकर पाकिस्तान में बेहद रोष देखा गया. इससे पहले भी ऑनर किलिंग के कई मामले पाकिस्तान में सुर्खियों में रहे हैं.

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रविवार को मौलवियों के एक समूह ने फतवा जारी करते हुए ऑनर किलिंग को इस्लाम की शिक्षाओं के ख़िलाफ बताया है.

पढ़ें- 'पसंद की शादी, मां ने बेटी को जलाया'

अब इस पर नज़रियाती काउंसिल के फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है.

पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग का कहना है कि पिछले साल ऐसी महिलाओं की संख्या 1100 के ज्यादा रही जिन्हें उन्हीं के रिश्तेदारों ने कत्ल किया था और ये इज्जत के नाम की गई हत्याएं हैं.

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