डीपीएस ने हिजाब के चलते 'टीचर को निकाला'

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भारत प्रशासित कश्मीर के एक स्कूल में एक महिला टीचर को कथित तौर पर उनके पहनावे के कारण नौकरी से निकाले जाने पर विवाद हो गया है.

कश्मीर में छात्रों और अध्यापकों ने इसका विरोध किया है.

बताया जाता है कि श्रीनगर के दिल्ली पब्लिक स्कूल में टीचर के अबाया यानी काले रंग का लंबा गाउन और हिजाब पहनने का विरोध हुआ.

शुक्रवार को स्कूल के छात्रों और अध्यापकों ने क्लासों का बहिष्कार किया और स्कूल प्रशासन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन भी किया.

सुहैल इक़बाल के बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं. उन्होंने कहा, “मेरे बच्चे घर जल्दी आ गए. उन्होंने बताया कि स्कूल में कुछ तनाव हो गया है और छात्रों ने क्लासों का बहिष्कार किया.”

इक़बाल के मुताबिक़ बच्चों ने बताया कि प्रिंसीपल ने महिला टीचर से अपनी ड्रेस और नौकरी में से किसी एक को चुनने को कहा.

कश्मीर प्राइवेट स्कूल संघ (केपीएसए) ने भी डीपीएस के फ़ैसले का विरोध किया है. डीपीएस भी संघ का सदस्य है.

केपीएसए के प्रमुख डीएन वार ने बीबीसी को बताया, “मुझे विश्वास है कि डीपीएस धर्मनिरपेक्ष मूल्यों में विश्वास रखता है. कौन कैसे कपड़े पहनना चाहता है, आप उसमें दखल नहीं दे सकते हैं. हम स्कूल के अधिकारियों को बुलाकर उनसे पूछेंगे कि ऐसा क्यों किया गया.”

जब इस मामले में डीपीएस अध्यक्ष विजय धर से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि वो दिल्ली में हैं और इस मामले को देख रहे हैं.

चश्मदीदों का कहना है कि स्कूल की प्रिंसीपल कुसुम वारिकू ने 10 क्लास को जीवविज्ञान पढ़ाने वाली महिला टीचर से 'ठीक से कपड़े पहन कर' स्कूल आने को कहा था.

स्कूल के एक छात्र ने बताया, “जब टीचर ने पूछा कि उनके अबाया और हिजाब पहनने में क्या ग़लत है, तो प्रिंसीपल ने कहा कि उन्हें हिजाब और नौकरी में से किसी एक को छोड़ना होगा.”

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