नहीं चाहिए दूसरा कार्यकाल: रघुराम राजन

रघुराम राजन इमेज कॉपीरइट EPA

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि वो इसी साल सितंबर में कार्यकाल ख़त्म होने के बाद पद से हट जाएंगे.

रघुराम राजन ने कहा है कि 4 सितंबर 2016 को अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद अकादमिक क्षेत्र में लौट जाएंगे.

हालांकि उन्होंने कहा कि जब भी देश को उनकी सेवा की जरूरत होगी, वो इसके लिए तैयार रहेंगे.

रघुराम राजन ने कहा है कि वो गवर्नर बने रहने के लिए ‘तैयार’ थे लेकिन ‘गहन चिंतन और सरकार से चर्चा’ के बाद उन्होंने ये क़दम उठाया है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

रघुराम राजन उन चुनिंदा लोगों में से हैं जिन्होंने 2008 के आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी की थी.

भारतीय अर्थजगत को संभालने के लिए उनकी तारीफ़ की जाती है जो वर्तमान में दुनिया की सबसे तेज़ उभरती अर्थव्यवस्थाओँ में एक है.

हाल ही में बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने रघुराम राजन की आलोचना की थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा था कि उन्हें गवर्नर के रूप में दूसरा कार्यकाल ना दें.

रघुराम राजन ने रिजर्व बैंक के अपने सहयोगियों को एक पत्र भी लिखा है. इस पत्र में उन्होंने अपने कार्यकाल की अहम बातों का विस्तार से जिक्र किया है.

इमेज कॉपीरइट AP

उन्होंने पत्र में जिक्र किया है कि जब वो आए तो अर्थव्यवस्था किस बुरे हाल में थी, मुद्रास्फीति बढ़ रही थी रुपया नीचे जा रहा था और विकास दर नीचे जा रहा था.

पत्र में रघुराम राजन ने कहा है कि आरबीआई ब्याज दर में 150 बेसिक पॉइंट की कमी कर पाया, मुद्रा स्थिर हुई, विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ा और अब भारत दुनिया की ते़ज़ी

से बढ़ती अर्थव्यवस्था है.

रघुराम राजन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रमुख अर्थशास्त्री थे और अब तक इस पद पर पहुंचने वाले सबसे युवा. इससे पहले उन्होंने शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिज़नेस में पढ़ाया भी है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)