'माल्या और ललित मोदी के प्रत्यर्पण के लिए पत्र नहीं भेजे'

  • 19 जून 2016
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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि उद्योगपति विजय माल्या और आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के ब्रिटेन से भारत प्रत्यर्पण के लिए अभी तक पत्र नहीं भेजे गए हैं.

रविवार को अपनी वार्षिक प्रेस कांफ्रेस में उन्होंने ये बात कही.

विजय माल्या पर जहां बैकों के नौ हजार करोड़ रुपए बकाया है, वहीं ललित मोदी पर गंभीर वित्तीय धांधलियों के आरोप हैं.

जब प्रेस कांफ्रेस में सुषमा स्वराज से पूछा गया कि विजय माल्या और ललित मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन से सहयोग क्यों नहीं मिल रहा तो विदेश मंत्री ने कहा, "अभी प्रत्यर्पण का पत्र गया ही नहीं है."

उन्होंने कहा कि अभी प्रवर्तन निदेशालय ने ललित मोदी के प्रत्यर्पण का आग्रह भेजा नहीं है, जब भेजा जाएगा तो उसे आगे बढ़ाया जाएगा.

विजय माल्या पर सुषमा स्वराज ने कहा, "उन्होंने आग्रह भेजा था, लेकिन हमारे सीपीवी डिविजन ने उसमें कुछ बदलाव सुझाए हैं. जैसे ही बदलावों के साथ प्रवर्तन निदेशालय से वो पत्र मिल जाएगा, हम वो प्रत्यर्पण आग्रह आगे भेजेंगे."

दूसरी तरफ़ पाकिस्तान के बारे में उन्होने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में सहजता आई है लेकिन 'आतंक और बातचीत साथ साथ नहीं चल सकते हैं'.

जनवरी में हुए पठानकोट एयरबेस हमले के बाद भारत-पाकिस्तान बातचीत बहाल करने की कोशिशें पटरी से उतर गईं.

सुषमा स्वराज ने कहा है कि पाकिस्तान ने पठानकोट हमले की जांच के लिए एनआईए को अपने यहां आने से इनकार नहीं किया है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी जांच टीम हमले को लेकर जो जानकारियां भारत से लेकर गई है, उसके विश्लेषण के लिए पाकिस्तान कुछ समय चाहता है.

स्वराज के मुताबिक, "एनआईए को उन्होंने इनकार नहीं किया. बस ये संदेश भेजा है कि उन्हें थोड़ा और समय चाहिए."

सुषमा स्वराज ने कहा, "पठानकोट जैसे हादसे के बाद सरकार और देशवासियों की ओर से ये अपेक्षा अस्वाभाविक नहीं है कि उनकी तरफ़ से कुछ ठोस होना चाहिए."

उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान की 'तरफ़ से किसी अच्छी ठोस कार्रवाई का इंजतार है.'

विदेश मंत्री ने कहा कि अमरीका के साथ रिश्ते मजबूत करने के लिए भारत ने रूस और चीन जैसे देशों से अपने संबंधों की अनदेखी नहीं की है.

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