कुछ भी हो जाए, भारतवासी खाना नहीं छोड़ेंगे !

  • 21 जून 2016
पेटू भारत कार्टून

हम भारतीयों को अपने खाने और अपने परिवार से ख़ासा लगाव होता है. ये दोनों हमारी पहचान और हमारी शख़्सियत को बताते हैं.

कई भारतीयों के लिए अपने परिवार के साथ बैठकर खाना खाना सबसे अहम बात होती है.

हम यह मानते हैं कि जो परिवार साथ में बैठकर खाना खाता है, उस परिवार में कभी दरार नहीं पड़ती.

खाने का समय आपस में बातचीत और अपने-अपने एहसासों को साझा करने का होता है. इससे पारिवारिक संबंध मज़बूत होते हैं.

भारतीय खाने हमेशा आपस में मिल बांट कर खाए जाते हैं, यानी हर कोई हर चीज़ का थोड़ा-थोड़ा हिस्सा लेता है.

मनु चंद्रा भारत के जानेमाने शेफ उद्यमी हैं. वो दावा करते हैं कि फूड इंडस्ट्री में काम करने के उनके इरादे को ज्वाइंट फ़ैमिली में ही बढावा मिला. खाने को लेकर उनके परिवार में उत्साह का माहौल होता है.

बचपन में वो सब्जी मंडी जाने के अपनी अनुभव को याद करते हुए बताते हैं मौसमी सब्जियों की सूची बनाई जाती थी. कैसे उनकी आंटी बैठकर टीवी देखते हुए मटर छीलती थीं. कैसे करेला में मसाला भर कर बनाया जाता था.

इन सब बातों ने खाना बनाने के प्रति उनके लगाव को बढ़ाया.

भारत में हर समुदाय का अपना कुछ खास खाना होता है. उसके लिए खास तरह के मसाले और उसे पकाने की विधि होती है.

अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में इन समुदायों के खानों में भी एक अलग स्वाद और बात होती है.

मैं उत्तर प्रदेश के बनिया समुदाय से आती हूं. लेकिन हमारे खाना बनाने के तरीके राजस्थान के बनिया समुदाय से बहुत अलग हैं.

कई सालों तक भारत अपने खानों को रेस्तरां तक पहुंचाने के लिए जद्दोजहद करता रहा है. हाल तक अच्छे खानों का लुत्फ़ फाइव स्टार होटलों में जाने वालों तक ही सीमित हुआ करता था.

और लोगों के लिए बाहर खाने का मतलब स्ट्रीट फूड, ढाबों या रेस्तरां में काली दाल और बटर चीकन खाना ही होता है.

जो लोग छोटे शहरों में पले-बढ़े हैं, उनके लिए सामाजिक तौर पर खान-पीना सिर्फ शादी और दूसरे समारोहों में ही हो पाता है.

लेकिन खाने का मतलब सिर्फ भोज या दावत तक सीमित नहीं होता. भारतीय लोगों का उपवास के दौरान भी ध्यान खाने पर लगा रहता है.

हिंदुओं के उपवास वाले दो त्योहार कृष्ण जन्माष्टमी और नवरात्री होते हैं. नवरात्री में नौ दिनों तक उपवास रखकर देवी दुर्गा की अराधना की जाती है.

कृष्ण जनमाष्टमी में बड़ों के साथ बच्चे भी बड़े उत्साह के साथ उपवास रखते हैं. उपवास के दौरान रात में खाए जाने वाले विशेष खाने को तैयार किया जाता है.

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यह विशेष तरह का खाना हर घर में अलग-अलग तरह का होता है. रात में उपवास के खत्म होने पर एक उत्सव का माहौल होता है जहां पूरा परिवार साथ मिलकर खाने बैठता है.

भारतीय जन्म और मृत्यु को भी उत्सव की ही तरह खाकर मनाते हैं.

हिंदुओं में जब कोई मर जाता है तो परिवार के लोग 13 दिन पर दोस्तों और पड़ोसियों को खाने पर बुलाते हैं. इस खाने में मृतक के पसंदीदा खाने को शामिल किया जाता है.

मुझे बताया गया कि इस भोज का मतलब होता है कि अब परिवार को शोक करना बंद कर देना चाहिए और फिर से रोजमर्रा की ज़िंदगी में मग्न हो जाना चाहिए.

भारतीय अपने खाने-पीने को लेकर इतना गहरा लगाव रखता हैं. लेकिन संभव है कि वो अपने ही देशवासियों की खाने-पीने की आदतों के बारे में बहुत कम जानते हों.

उत्तर भारतीय होने के नाते मेरा मानना था कि सभी दक्षिण भारतीय शाकाहारी हैं और इडली, वडा और डोसा खाते हैं.

जब मैं कुछ साल पहले दक्षिण भारतीय शहर बेंगलुरू पहुंची तो ये देखकर अचरज में पड़ गई कि दक्षिण भारत के सभी क्षेत्र और सभी समुदायों का खान-पान काफी विविधता भरा है. इसमें बीफ और पोर्क भी शामिल हैं.

इसी तरह से मेरे नए दक्षिण भारतीय दोस्तों का मानना था कि सभी उत्तर भारतीय खाने 'पंजाबी' ही हैं. दाल, नान, चीकन टिक्का जैसे पंजाबी खाने पूरी दुनिया में मशहूर हैं.

वो मेरे खाना बनाने के तौर-तरीकों को देखकर चकित हुए.

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क्षेत्रीय भोजन और स्थानीय जायके राज्य की सीमाओं को लांघते हुए अब दूसरे राज्यों और क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं. भारत में खाने-पीने की संस्कृति का तेज़ी से विकास हो रहा है.

युवा शेफ नए-नए प्रयोग कर रहे हैं. भारत में अच्छी प्रतिक्रिया को देखते हुए वे अपने खानों के प्रयोग को बाहर के देशों में अाज़मा रहे हैं.

आज भारतीय खाना मां की रसोई से निकल कर देश-विदेश में धूम मचा रहा है.

अाजकल भारत में चीनी खाना खासा लोकप्रिय है. जब अंग्रेज थे तब उन्होंने हमें 'काॉंटिनेंटल' खाने का जायका दिया और मुगलों ने हमारी रसोई में मुगलई खानों की हांडी चढ़ाई.

समय-समय पर तरह-तरह के खाना बनाने के तरीकों ने हमारे खाना बनाने के तरीके पर असर डाला है.

फिर भी हम हैं तो भारतीय ही, और हमें खाने से बेहद लगाव है और वो भी छोटे प्लेट में नहीं...भरी हुई थाली में.

(ऋतु अग्रवाल www.inspiredtraveller.in में पार्टनर हैं.)

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