योग दिवस पर मोदी के भाषण की 7 ख़ास बातें

  • 21 जून 2016
साल 2015 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. इमेज कॉपीरइट AP

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि योग को विवादों से दूर रखना चाहिए और इसे ख़ुद से जोड़ने का एक ज़रिया मानना चाहिए.

वो मंगलवार को चंडीगढ़ में दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे. अपने भाषण के बाद उन्होंने वहां मौजूद हज़ारों लोगों के साथ योग किया.

भारत में कई राज्यों की राजधानियों और प्रमुख शहरों में योग दिवस मनाया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि भारत में मधुमेह के मरीज़ों की संख्या बढ़ रही है और इस बीमारी से बचने के लिए क्या योग के ज़रिए जन आंदोलन खड़ा करने की ज़रूरत है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की 8 ख़ास बातें.

1- अगले साल से सरकार योग को लेकर दो पुरस्कार देना शुरू करेगी. पहला पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग के लिए काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाएगा और दूसरा भारत में इसके विकास के लिए दिया जाएगा. इन व्यक्तियों या संस्थाओं का चयन एक समिति करेगी.

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2-योग को किसी विवाद में डाले बिना, परलोक के लिए नहीं, इस दुनिया में स्वस्थ तरीके से जीने के लिए इसे अपनाना चाहिए.

3-योग ख़ुद से जुड़ने का उत्तम मार्ग है और ये ज़ीरो बजट वाला दुनिया का पहला हेल्थ इंश्योरेंस है.

4-आज योग दुनिया में बहुत बड़ा आर्थिक कारोबार बन गया है. यह ट्रेनर्स के तौर पर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहा है.

5- अगले साल से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को भारत में डायबेटीज़ जैसी बीमारी से बचने के लिए जन आंदोलन के तौर अपनाया जाए.

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6- योग वेलनेस (स्वस्थ जीवन) की गारंटी है. इससे मानसिक शांति मिलती है और सेहत सुधरती है. योग के जरिए सामाजिक, आध्यात्मिक और शारीरिक चेतना विकसित होती है और यह अमीर और ग़रीब दोनों के लिए है.

7- योग आस्तिक और नास्तिक दोनों तरह के लोगों के लिए है.

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