'चरमपंथियों' को मारने पर सेना-सीआरपीएफ़ में ठनी

  • 28 जून 2016
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भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के पंपोर में हुए चरमपंथी हमले में मारे गए दो चरमपंथियों को लेकर सीआरपीएफ और सेना ने अलग अलग बयान दिए हैं.

पहले सेना ने इन दो चरमपंथियों को मारने का दावा किया था.

बीते शनिवार को आत्मघाती हमलावरों ने सीआरपीएफ की बस को निशाना बनाया था. इस हमले में सीआरपीएफ के आठ जवान मारे गए और करीब 28 घायल हुए थे.

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सुरक्षा बलों ने कहा था कि जवाबी कार्रवाई में दोनो चरमपंथी मारे गए हैं.

उत्तरी कमांड की सेना ने 25 जून की शाम भारतीय समायानुसार पांच बजकर 25 मिनट पर ट्वीट किया, ''पंपोर हमले में सेना ने सीआरपीएफ पर हमला करने वाले दो चरमपंथियों को मार दिया है.''

इसके बाद सेना का दूसरा ट्वीट आया, ''पंपोर में हुए हमले में सुरक्षाबलों ने संयुक्त ऑपरेशन में दो चरमपंथियों को मार दिया और घायल हुए जवानों का इलाज चल रहा है.''

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कुछ घंटों बाद तीसरा ट्वीट आया, ''सीआरपीएफ ने जवाबी कार्रवाई में दो चरमपंथियों को मारा. पहले वाले ट्वीट को दुरुस्त किया जा रहा है.''

बताया जा रहा है कि सीआरपीएफ के ज़ोरदार एतराज़ के बाद सेना ने अपने तीसरे ट्वीट में कहा कि सीआरपीएफ की कार्रवाई में चरमपंथी मारे गए हैं.

सीआरपीएफ़ के आईजी अतुल करनाल ने पंपोर में चले अभियान पर बीबीसी को बताया, ''पंपोर हमला पूरी तरह से सीआरपीएफ का ऑपरेशन था, दो चरमपंथियों को भी सीआरपीएफ ने ही मारा.''

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इस हमले की ज़िम्मेदारी चरमपंथी संगठन लश्करे ए तैयबा ने ली थी.

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