'फेकूजी हवे दिल्ला मा' पर कोई बैन नहीं

  • 29 जून 2016
इमेज कॉपीरइट prashant dayal

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर लिखी गई गुजराती पुस्तक 'फेकूजी हवे दिल्ली मा' किताब की बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा.

इस किताब को बैन करने के लिए अहमदाबाद की स्थानीय अदालत में याचिका दायर की गई थी लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया.

यह किताब गुजरात कांग्रेस के नेता जयेश शाह ने लिखी है.

अदालत में याचिका करने वाले नरसिंह सोलंकी के अपनी याचिका में कहा था कि नरेन्द्र मोदी पर लिखी गई यह किताब पढ़ कर उन्हें दुख हुआ है और इस किताब में प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिष्ठा को हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया है.

उनकी दलील थी कि अभी मोदी सरकार को सिर्फ दो साल हुए हैं. देश की जनता से उन्होंने जो वादे किये हैं उनको पूरा करने के लिए वक्त है, लेकिन इस पुस्तक में उन वादों का मज़ाक उड़ाया गया है इसी कारण किताब की बिक्री रोक देनी चाहिए.

इमेज कॉपीरइट prashant dayal

दोनों पक्षों को सुनने के बाद जज एबी दवे ने याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा, 'याचिकाकर्ता को व्यक्तिगत रूप से कोई नुकसान हुआ हो, ऐसा अदालत नहीं मानती, लेखक ने जो लिखा है वह उसका व्यक्तिगत मत है, वह उसका अधिकार हे, उस पर अदालत रोक नहीं लगा सकती.'

इस संबंध में बीबीसी ने किताब के लेखक जयेश शाह से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो सका.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने बीबीसी से बातचीत में आरोप लगाया, "गुजरात के लोगों को बुद्धू बनाने के बाद अब मोदीजी देश को मूर्ख बना रहे हैं और यही बात किताब में है."

हालांकि भाजपा के प्रवक्ता भरत पंड्या ने बीबीसी को बताया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में लगातार दुष्प्रचार हो रहा है लेकिन देश की जनता सब जानती हे, ऐसी किताब से कोई फर्क नहीं पड़ता."

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए