बाल्को चिमनी हादसे में दो के ख़िलाफ़ वारंट

  • 1 जुलाई 2016
इमेज कॉपीरइट BALCO

सात साल पहले हुए छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बाल्को चिमनी हादसा मामले में श्रम न्यायालय ने दो लोगों के ख़िलाफ़ स्थायी गिरफ़्तारी वारंट जारी किया है.

श्रम न्यायालय ने बाल्को के तत्कालीन सीईओ गुंजन गुप्ता और चीन की कंपनी शैनदोंग इलेक्ट्रिक पावर कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन के चेयरमेन हाउ जुओजीन के ख़िलाफ़ वारंट जारी किया है.

23 सितंबर 2009 को कोरबा में ब्रिटिश कंपनी वेदांता-स्टरलाईट के बाल्को पावर प्लांट की 240 मीटर ऊंची चिमनी भरभरा कर गिर गई थी. इस हादसे में 40 मज़दूरों की मौत हो गई थी.

हालांकि श्रम न्यायालय ने अपने आदेश में कारख़ाना अधिनियम के तहत मामले को चलने लायक नहीं बताते हुये अन्य आठ आरोपियों को दोषमुक्त क़रार दिया है.

बाल्को वेदांता के संवाद प्रमुख बीके श्रीवास्तव ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "हमें श्रम न्यायालय के आदेश की जानकारी मिली है. हमारे वकील पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं."

इमेज कॉपीरइट BALCO

श्रीवास्तव के अनुसार बाल्को के तत्कालीन सीईओ गुंजन गुप्ता ने काफ़ी पहले ही बाल्को से इस्तीफ़ा दे दिया है और वे इन दिनों भारत से बाहर किसी कंपनी में कार्यरत हैं. वहीं शैनदोंग इलेक्ट्रिक पावर कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन के चेयरमेन हाउ जुओजीन चीन में निवासरत हैं.

इधर बाल्को और भारतीय ठेका कंपनी जीडीसीएल की ओर से मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता अशोक तिवारी ने कहा कि राज्य शासन की ओर से सहायक कारख़ाना निरिक्षक ने यह मामला श्रम न्यायालय में दायर किया गया था.

तिवारी ने कहा, "न्यायालय द्वारा कारख़ाना अधिनियम के तहत यह प्रकरण नहीं बनना पाया गया क्योंकि वहां न तो कोई निर्माण प्रक्रिया चल रही थी और ना ही वहां कोई ऐसी स्थितियां थीं. जिन दो लोगों के ख़िलाफ़ गिरफ्तारी वारंट जारी हुये हैं, जब वे अदालत में उपस्थित होंगे तो उनके ख़िलाफ़ विचारण होगा."

इमेज कॉपीरइट Abdul Aslam

बाल्को पहले सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी थी लेकिन साल 2002 में इसका विनिवेश कर दिया गया था. वेदांता ग्रुप की स्टरलाइट कंपनी ने इसे ख़रीद लिया था.

बाल्को ने अपने पावर प्लांट के चिमनी निर्माण का काम चीनी कंपनी शैनदोंग इलेक्ट्रिक पावर कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन को दिया था और सेप्को ने जीडीसीएल नाम की कंपनी को चिमनी निर्माण कार्य का ठेका दे दिया था.

पुलिस ने इस मामले में बाल्को वेदांता, चीन की ठेका कंपनी शैनदोंग इलेक्ट्रिक पावर कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन यानी सेपको में कार्यरत तीन चीनी नागरिकों और भारतीय ठेका कंपनी जीडीसीएल के अधिकारियों के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज की.

इमेज कॉपीरइट Abdul Aslam

इससे पहले राज्य सरकार द्वारा बनाए गए संदीप बख्शी आयोग ने वेदांता-स्टरलाइट कंपनी बाल्को के अधिकारी, चिमनी का निर्माण करने वाली ठेका कंपनी शैनदोंग इलेक्ट्रिक पावर कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन के परियोजना प्रबंधक, उप ठेका कंपनी जीडीसीएल के परियोजना प्रबंधक व इंजीनियर और वल्लभगढ़ के वैज्ञानिक व इंजीनियर को 40 मजदूरों की मौत के लिए ज़िम्मेदार बताया था.

लेकिन इनमें से सभी के सभी आरोपी अदालती दांव-पेंच के कारण जेल से बाहर हैं. यहां तक कि शैनदोंग इलेक्ट्रिक पावर कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन के तीन चीनी अधिकारी भी अपने देश लौट गये. दूसरी ओर इस हादसे में मारे गये मज़दूरों के परिजनों को नियमानुसार आज तक नौकरी नहीं मिली है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार