ओवैसीः आरएसएस वाले मेरे घर आ जाएं तो बदल जाएंगे

  • 4 जुलाई 2016
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि उनके दरवाजे पर कोई भी आए तो वो उसकी मदद करता हैं चाहे वो हिन्दू हों या दलित हों.

बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में ओवैसी ने कहा कि अगर आरएसएस को यकीन न हो तो मेरे घर पर आकर देख सकते हैं.

ओवैसी नेे हाल ही में बयान दिया कि वो दहशतग़र्दी के आरोप में फंसे मुसलमानों को कानूनी मदद मुहैया कराएंगे.

ओवैसी ने कहा, "मैंने जिन लोगों को क़ानूनी मदद की बात की है वो मुल्ज़िम हैं उन्हें अदालत से मुज़रिम क़रार नहीं दिया गया है. भारत का क़ानून कहता है कि हर मुल्ज़िम जिस पर इलज़ाम है उन्हें क़ानूनी मदद मिलनी चाहिए. मेरे पास ऐसे लोगों के परिवार वाले मिलने आए और कहा कि ये बेक़सूर हैं. हमसे मदद मांगी तो मैंने कहा कि हमारे पास लीगल सेल है, वकील हैं और हम आपकी मदद करेंगे".

ओवैसी ने कहा, "मेरे पास हर कोई जो मदद के लिए आएगा मैं उसकी मदद करूंगा. मेरे दरवाज़े हिन्दू, दलित हर किसी के लिए खुले हैं. मेरे दरवाज़े पर जो कोई भी आता है मैं उसका मज़हब नहीं पूछता. अगर आरएसएस वाले मेरे घर आकर देखें तो मेरे प्रति उनके विचार बदल जाएंगे."

उन्होंने कहा, "मैं भारत माता की जय नहीं कहूंगा, क्योंकि ऐसा कहीं कानून में नहीं लिखा है. मुझे हिन्दुस्तान ज़िंदाबाद या जय हिंद बोलने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन मेरे नारों से मेरी देशभक्ति की जांच नहीं होनी चाहिए. मैं उस ज़बान में बोलूंगा जो क़ानून कहता है".

इरफान खान के बांग्लादेश में हुए हमले के सिलसिले में दिए गए बयान के बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने कहा कि फ़िल्म एक्टरों की बात पर जवाब देने का उनके पास वक्त हीं है.

इरफान ने अपने फेसबुक पर सवाल उठाया था कि बांग्लादेश में हुए हमलों पर मुसलमान चुप क्यों हैं.

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