वो पांच चेहरे जिन्हें हटाया गया

  • 5 जुलाई 2016
इमेज कॉपीरइट Getty

मंगलवार को नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में हुए विस्तार में जहां नए चेहरों को जगह मिली वहीं पांच राज्य मंत्रियों को मोदी मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया.

इन पांच मंत्रियों में शामिल हैं -निहाल चंद, राम शंकर कठेरिया, सांवर लाल जाट, मनसुखभाई वासव और एमके कुदरैय्या.

राजस्थान की गंगानगर संसदीय क्षेत्र के निहाल चंद नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में पंचायती राज मंत्री हुआ करते थे. वे नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में राजस्थान से आने वाले एकमात्र मंत्री थे.

इमेज कॉपीरइट pib

निहाल चंद समेत 17 लोगों के ख़िलाफ़ राज्य की निचली अदालत ने यौन दुराचार के मामले में समन जारी किया था.

इस मामले में पीड़िता की ओर से 2010 में शिकायत दर्ज की गई थी कि उनके पति द्वारा नशीला पदार्थ खिलाकर राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया गया. पुलिस ने मामला झूठा बताते हुए इसमें 2012 में फाइनल रिपोर्ट पेश कर दी थी जिसे अधीनस्थ अदालत ने मंजूर भी कर लिया था. अब इस मामले पर सुनवाई निचली अदालत में जारी है.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी माने जाने वाले सांवर लाल जाट कांग्रेस के नेता सचिन पायलट को हराकर अजमेर संसदीय क्षेत्र से चुन कर आए थे.

इमेज कॉपीरइट Ramshankar Katheria

जल संसाधन राज्य मंत्री रह चुके सांवर लाल जाट के ख़िलाफ़ कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है लेकिन माना जाता है कि कमज़ोर कार्यप्रदर्शन के कारण उनकी छुट्टी की गई है.

उत्तरप्रदेश के आगरा संसदीय क्षेत्र से आने वाले राम शंकर कठेरिया मानव संसाधन राज्य मंत्री थे. राम शंकर कठेरिया अपने विवादस्पद बयानों के लिए भी जाने जाते हैं. उन पर आगरा में संघ परिवार द्वारा आयोजित एक समारोह में आपत्तिजनक भाषण देने के आरोप लगे थे. हाल ही में उन्होंने शिक्षा के भगवाकरण की बात कही थी और कहा था कि इसे कोई नहीं रोक सकता है.

नरेंद्र मोदी की केबिनेट में आदिवासी मामलों के राज्य मंत्री रह चुके गुजरात के आदिवासी नेता मनसुखभाई वासव का कहना है कि वे नहीं जानते कि उन्हें क्यों हटाया गया है.

इमेज कॉपीरइट Mansukhbhai vasav Facebook

तीन महीने पहले ये खबर आई थी कि मनसुखभाई वासव ने राज्य की मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर धमकी दी थी कि अगर आदिवासी मामलों को जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होगी तो वे अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगे. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के कामकाज के तरीकों पर भी सवाल उठाए थे.

एक किसान से उद्योगपति बने एमके कुदरैय्या राजकोट संसदीय क्षेत्र से आते है. वे मौजूदा केबिनेट में कृषि राज्य मंत्री थे.

साल 2014 में योग दिवस के मौके पर एक समारोह में शामिल हुए कुदरैय्या का बच्चों के उपर चलते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था जिसके बाद उन्होंने सफाई भी दी थी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए