दिव्य अनुभूति वाले छोले-भटूरे!

  • 5 जुलाई 2016
छोले-भटूरे इमेज कॉपीरइट thinkstock

छोले-भटूरे भारत में एक स्ट्रीट फूड है जो सड़क किनारे हर कहीं यहां आसानी से मिल जाता है.

छोले-मटर का बना हुआ एक मसालेदार डिश है. इसे जब ख़ास तरह से तल कर बनाए गए रोटी जिसे भटूरे कहते हैं, के साथ जब सर्व किया जाता है तो इसे छोले भटूरे कहते हैं.

यह मूल रूप से पंजाब का डिश है लेकिन अब पूरे भारत भर में काफी लोकप्रिय है. यह लोगों के बीच इतना लोकप्रिय हो चुका है कि अब उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के लोग भी इसपर अपना दावा करने लगे हैं.

लेकिन उन पर यकीन करने की जरूर नहीं है.

कुछ भी हो जाए, भारतवासी खाना नहीं छोड़ेंगे !

छोले भटूरे पूरी तरह से पंजाबी खाना है और कई सालों से यह यहीं बनता रहा है.

कोई भी पहली बार इसे बनता हुआ देखने के बाद शायद ही भूल पाएगा.

छोले-भटूरे बनाने के लिए सबसे पहले ख़मीरवाले आटे को थपकी देकर गोल बनाया जाता है और फिर उसे खौलते हुए तेल की कढ़ाई में डाल दिया जाता है.

4,000 साल पुराना खट्टा-मीठा बैंगन

इसके बाद यह रोटी तेल की छनछनाहट की आवाज़ के साथ फूलनी शुरू होती और पलक झपकते किसी बैलून की तरह फूल जाती है.

छोले-भटूरे को खौलते हुए तेल में उलटा-पलटा जाता है ताकि दोनों तरफ से वो ख़स्ता हो जाए.

इसके बाद इसे गर्मागर्म मसालेदार छोले के साथ परोसा जाता है.

मैं गारंटी के साथ कह सकता हूं कि आप गर्मागर्म भटूरे तोड़ने के चक्कर में अपनी उंगलियां जला बैठेंगे.

समोसे की भारत पहुंचने की दास्तां
इमेज कॉपीरइट thinkstock

यह देखने में जितना बड़ा दिखता है उतना ही जिसे खानों के विशेषज्ञ बोलते हैं माउथफील, उसका एहसास देता है.

माउथफील का मतलब होता है ऐसा खाना जिसे मुंह में रखने के बाद मुंह में उसके पूरे भरे होने का एहसास हो.

चीन का असर दक्षिण भारतीय डोसे तक !

मैकडोनाल्ड, नेस्ले और क्राफ्ट जैसी कंपनियां आपको स्वाद के मुताबिक़ संतुष्ट करने के लिए खाने-पीन की चीजों पर लाखों डॉलर खर्च करते हैं लेकिन पंजाब का यह डिश आपको स्वभाविक रूप से संतुष्ट करता है.

ख़स्ते रोटी के साथ मसालेदार छोले का यह मिश्रण दिव्य अनुभूति देने वाला होता है.

परंपरागत रूप से यह नास्ता में खाया जाने वाला डिश होता है लेकिन वाकई में इसे कभी भी खाया जा सकता है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार