बुरहान की मौत के बाद घाटी में उबाल, 11 की मौत

  • 10 जुलाई 2016
कश्मीर में विरोध प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट AP

भारत प्रशासित कश्मीर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में 11 लोग मारे गए हैं जबकि डेढ़ से ज़्यादा लोग घायल हैं.

अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान पुलिस और सुरक्षाबलों के 96 जवान भी घायल हुए हैं जबकि आम लोगों में घायलों की तादात 70 के क़रीब है.

शुक्रवार को पुलिस की कार्रवाई में चरमपंथी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद हो रहे प्रदर्शन के दौरान ये झड़प हुई.

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोगों ने शांति बनाए रखने की अपील की है.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैं कश्मीर के लोगों से अपील करता हूं कि राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखें."

'कश्मीर में उग्रवाद का नया चेहरा' कहे जाने वाले 21 वर्षीय वानी श्रीनगर से 45 मील दूर अनंतनाग में मारे गए.

पुलिस प्रमुख के राजेंद्र ने कहा, "बुरहान और उसके दो साथी ऑपरेशन में मारे गए."

इसके बाद व्यापक प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने इंटरनेट और फोन सेवा पर अस्थायी रोक लगा दी है, परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है और अन्य राज्यों से जाने-आने वाली ट्रेनों को रोक दिया है.

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संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है और अलगाववादी नेताओं के घरों की घेराबंदी कर ली है ताकि वो प्रदर्शनों में हिस्सा न ले सकें.

लेकिन प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में सड़कों पर निकले. पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने हिंसा और आगजनी की जिसके बाद उन्हें गोली चलानी पड़ी.

बीजेपी के नेता राममाधव ने कहा है, "सरकारी स्थिति से सख्ती के साथ निपटेगी." बीजेपी राज्य की महबूबा मुफ्ती गठबंधन सरकार में शामिल है.

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वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने बुरहान के मारे जाने का विरोध किया है.

उन्होंने शनिवार को ट्वीट किया, "मेरे शब्द याद रखिएगा. बुरहान जितने लोगों को सोशल मीडिया के ज़रिए चरमपंथ की तरफ लाता, उससे कहीं ज्यादा लोगों को अपनी कब्र से इस तरफ़ लाने में सक्षम है."

प्रशासन की सख़्तियों के बावजूद हज़ारों लोग दक्षिणी कश्मीर में बुरहान के गृह नगर त्राल में पहुंचे और उन्होंने भारत विरोधी नारों के बीच उनके अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया.

बुरहान की मौत के बाद घाटी में कई जगहों से प्रदर्शनों की ख़बर है.

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