आपने चखा है अदरक और मिर्च वाली आइसक्रीम

  • 11 जुलाई 2016
पेटू भारत

क्या आपने काली मिर्च वाली आइसक्रीम का स्वाद लिया है? या फिर आपकी आइसक्रीम में ताज़े अदरक या इलायची मिला हुआ हो तो?

वैसे पिस्ता बादाम वाली आइसक्रीम और भारत के पसंदीदा लड्डू, के बारे में आपका क्या ख्याल है?

अगर आपको इसे खाने का लालच नहीं होता और इसे पाने के लिए आप कोशिश नहीं करते हैं, लेकिन पान के पत्तों में लिपटा मसालेदार आइसक्रीम आपके सामने हो... तो?

वैसे तो पान को आमतौर पर खाना हज़म करने के लिए भोजन के बाद खाया जाता है. इसमें चेरी भी मिला होता है और यह चाँदी के वर्क में लिपटा होता है.

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फ़ूड राइटर मरियम एच रेशी का कहना है, "दुनिया के किसी हिस्से में यह सब चौंकाने वाली बात हो सकती है, लेकिन गुजरात में आइसक्रीम में ऐसी चीजें खूब देखने को मिलती हैं और यह राज्य ऐसी आइसक्रीम के लिए प्रसिद्ध है."

(पढ़ें : कुछ भी हो जाए, भारतवासी खाना नहीं छोड़ेंगे!)

गुजरात भारत का आइसक्रीम राज्य है. देश के 12 फ़ीसद से ज़्यादा आइसक्रीम इसी राज्य में बिकता है. यहाँ के 50 छोटे-बड़े आइसक्रीम बनाने वालों का व्यापार बहुत ही अच्छा चलता है. भारत की कुछ सबसे पुरानी आइसक्रीम फ़ैक्ट्री इसी राज्य में मौजूद है.

वाडीलाल यहाँ के बड़े आइसक्रीम फैक्टी में से एक है. यह हर साल 800 करोड़ रुपए का कारोबार करता है. इस फ़ैक्ट्री ने 1907 में घर में आइसक्रीम बनाकर इसे विदेशों से कुप्पी मंगाकर, उसमें डालकर लोगों को बेचना शुरू किया था.

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गुजरात में हैवमोर भी आइसक्रीम बनाने वाली एक बड़ी कंपनी है. इसकी शुरूआत 1944 में पंजाब (अब पाकिस्तान) में हुई थी. बाद में ये लोग विभाजन के बाद भारत आए और गुजरात में ही कुछ अन्य शर्णार्थियों के साथ इस आइसक्रीम की शुरूआत की.

आइसक्रीम ने मीठा और नए खाने के शौकीन गुजरातियों की काफ़़ी मदद की है. गुजरात में गर्मी का मौसम काफ़ी लंबा और तेज़ होता है. इस राज्य में अच्छी क्वालिटी का दूध बड़ी मात्रा में उपलब्ध होता है और यहाँ बिजली की स्थिति भी काफ़ी अच्छी है, जो फ़्रीज़ में आइसक्रीम को जमाने में मदद करता है.

वाड़ीलाल के प्रमुख राजेश गाँधी का कहना है कि इस राज्य में शराबबंदी होने की वजह से लोग आइसक्रीम और मिल्कशेक लेते हैं.

भारत की पारंपरिक मिठाइयों के उलट, गुजरात में भोजन करने के बाद मिठाई के रूप में आइसक्रीम होता ही है. राजेश गाँधी कहते हैं, " आइसक्रीम इस राज्य का एक बड़ा जुनून है, यह गुजरात में इतने बड़े पैमाने पर फैला है, जिसे आप कहीं और नहीं देख सकते हैं."

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गुजरात के प्रमुख शहर अहमदाबाद में आइसक्रीम की चौंका देने वाली वैराइटी दिखती है. लीची आइसक्रीम, जिसमें काफ़ी मात्रा में इस फल का इस्तेमाल होता है, बंगाली मिठाई 'राजभोग' के नाम का आइसक्रीम और इन दोनों को मिलाकर तैयार किया गया स्वादिष्ट मीठा व्यंजन. इसके अलावा बादाम, पिस्ता और अखरोट वाली 'कस्तरी' आइसक्रीम भी यहाँ देखने को मिलती है.

जमैका में आइसक्रीम की खुशबू वाली वोदका और जापान में सी-फूड की महक वाली आइसक्रीम देखकर आप चौंक सकते हैं. लेकिन आपको चौंकाने में शाकाहारियों के बहुतायत वाला गुजरात भी पीछे नहीं है. आपको यहाँ पनीर, मूंगफली, शिमला मिर्च, और ग्रीन टी वाली आइसक्रीम मिल जाएगी.

यहाँ आपको इलायची और मिर्च वाली या उस फ़्लेवर की आइसक्रीम मिल जाएगी. यहाँ आइसक्रीम में अदरक भी मिलाई जाती है और लाल मिर्च भी. यहाँ के आइसक्रीम में आपको विदेशों से मंगाए गए बादाम-पिस्ता और चॉकलेट भी मिल जाएँगे और दिख जाएँगी आइसक्रीम में गुलाब की पंखुड़ियाँ भी.

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गुजरात में आइसक्रीम के एक और पसंदीदा वैराइटी है चाँदी के वर्क वाली आइसक्रीम, जिसमें दूध के इस्तेमाल से बनी बर्फी मिली होती है. इसके अलावा आपको आम के गूदों वाला लज़ीज आइसक्रीम भी मिलेगा.

कई साल पहले अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन जब भारत आए थे, तो उन्हें हैवमोर का आम और बर्फी वाला आइसक्रीम बहुत पसंद आया था.

यहाँ बच्चों के लिए चॉकलेट से बना हेल्थ ड्रिंक लॉली मिलता है, तो वहीं लंबे समय से शराबबंदी वाले इस राज्य में व्हिस्की के स्वाद वाले आइसक्रीम को बेचने की भी कोशिश हुई है.

इनमें से कुछ को तो लोगों ने पसंद किया जबकि कुछ आइसक्रीम लोगों को ललचाने में नाकाम रहे. व्हिस्की के स्वाद आइसक्रीम यहाँ पूरी तरह से नाकाम रहा, लेकिन इससे आइसक्रीम बनाने वालों पर कोई असर नहीं पड़ा.

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हैवमोर के प्रबंध निदेशक अंकित चोना कहते हैं, "हमें हर वक़्त प्रयोग करते रहने से कोई नहीं रोक सकता."

हैवमोर हर रोज़ 160 फ़्लेवर के 2 लाख लीटर से ज़्यादा आइसक्रीम बनाती है. ग्राहकों की मांग इतनी ज़्यादा है कि यह कंपनी हर तीन महीनें में 3 नए फ़्लेवर की आइसक्रीम तैयार करती है.

इस राज्य में फ़्लेवर को लेकर ऐसा उत्साह है कि आइसक्रीम बनाने वाले फ़्लेवर कंटेस्ट भी कराते हैं. पिछले साल हैवमोर ने एक रेडियो स्टेशन के साथ मिलकर ऐसी ही एक प्रतियोगिता कराई तो उसके पास रेसिपी को लेकर 10 हज़ार से ज़्यादा सुझाव आ गए.

इनमें से कुछ सुझाव वास्तव में अजीब थे, जैसे कि पाव भाजी और चिक-पी फ़्लेवर की आइसक्रीम. हालाँकि कंपनी ने इन सुझावों में से 5 सबसे पसंदीदा सुझाव वाले फ़्लेवर की आइसक्रीम बनाई और उसे बेचा भी.

फ़ूड राइटर अनिल मुलचंदानी कहते हैं, "आइसक्रीम गुजरात की संस्कृति का हिस्सा है. यहाँ आपको फ़्रीज़ में हमेशा आइसक्रीम मिल जाएगा और यह हर त्योहार या पारिवारक समारोहों का हिस्सा है."

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गुजरात में आइसक्रीम एक कुटीर उद्योग है और यह जानकर किसी को हैरत नहीं हो सकती. अहमदाबाद में ही 100 से ज़्यादा आइसक्रीम पार्लर मौजूद हैं और घरों में बनाए गए कुछ आइसक्रीम भी इस उद्योग में शामिल हैं.

क़रीब 30 साल पहले निरूबेन देसाई ने अपने पति की नौकरी चले जाने के बाद घर में आइसक्रीम बनाना शुरू किया था. आज ये लोग हर रोज़ क़रीब 80 लीटर 'फ़्रेश एंड स्मूथ' आइसक्रीम बनाते हैं. एक ग्राहक का कहना है कि ये लोग हर रोज़ केवल तीन फ़्रीज़ से एक छोटे से बरामदे में 24 स्वादों के आइसक्रीम बनाते हैं.

उनके बनाए आइसक्रीम 'पोस्ता और सौंफ', 'डेट एंड रोज़' जैसे स्वाद में आते हैं और ग्राहकों को यह मुफ़्त में चखने को भी दिया जाता है. जब वो लोग शाम को अपने घर का दरवाज़ा खोलते हैं तो उनका बरामदा तुरंत ही ग्राहकों से भर जाता है.

देसाई कहती हैं, "हम दोनों को आइसक्रीम बहुत पसंद है, हमारी साख लोगों को मिल रहे स्वाद से बढ़ी है."

बात यहीं ख़त्म नहीं होती, उनके घर के ठीक बगल में रहने वाली उनकी ननद भी अपने घर से ही आइसक्रीम बनाकर बेचती हैं.

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इसी तरह घर से ही शंकर समनानी भी आइसक्रीम बेचती हैं. उनकी स्कूल पढ़ाई भी अधुरी रह गई थी और 1956 में उन्होंने ठेले पर आइसक्रीम बेचना शुरू किया था, लेकिन आज उन्हें इसमें महारत हासिल है.

आज उनका बेटा अरुण और कुछ कर्मचारी मिलकर 20 ज़ायकेदार आइसक्रीम बनाते हैं. ये अपना कारोबार 1800 वर्ग फूट की एक छोटे से छप्पर से चलाते हैं और पार्टियों और घरों में आइसक्रीम की सप्लाई करते हैं.

शंकर के ख़ास आइसक्रीम की सप्लाई भारत के सबसे अमीर आदमी मुकेश अंबानी और बॉलिवुड सितारों की पार्टियों में भी होती है.

खुदरा व्यावार के रूप में इस कंपनी का केवल एक सटॉल है जो शहर के एक फ़ूड बाज़ार में केवल एक ठले पर लगता है. पार्टियों के लिए समनानी और उनके बेटे भाग्येश कई तरह के रंगीन मिठाइयों का काउंटर लगाते हैं. ये अपने कर्माचारियों को इंग्लिश क्लास में भी भेजते हैं ताकि वो ग्राहकों से अच्छी तरह से बातचीत कर सकें.

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समनानी कहती हैं, "लोग यहाँ हमेशा नए स्वाद के आइसक्रीम चाहते हैं, वो इनके दीवाने हैं." यकीनन इस बात पर शायद ही किसी को संदेह हो.

अहमदाबाद के लॉ गार्डन में मौजूद फ़ूड बाज़ार जाने पार आप देखेंगे कि मध्य रात्रि तक लोग यहाँ खाना खा रहे होते हैं. लोग अपने पसंदीदा भोजन और स्नैक्स की तलाश करते हैं और रंगीन तिरपाल के नीचे कतार में खड़ी प्लास्टिक की कुर्सियाँ भी अपने ग्राहकों का इंतज़ार करती हैं.

खाना खाने के बाद ज़्यादातर लोग झुंड में आइसक्रीम की दुकानों पर जाते हैं और प्लास्टिक की कुर्सियों पर बैठकर अपने पसंदीदा स्वाद का मज़ा लेते हैं. शेयर दलाल तपन पटेल कहते हैं, "मेरे दिन और रात आइसक्रीम के बिना अधूरे हैं".

...और इससे थोड़ी ही दूर एक महिला अपने कुत्ते को स्पिट्ज़ वैनिला आइसक्रीम खिला रही हैं. यहाँ ज़िंदगी मज़ेदार है.

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